कुरुक्षेत्र, 02 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के निर्देशानुसार डीएलएसए द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिवानी खेड़ा कुरुक्षेत्र तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिहोली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में डीएलएसए के पैनल अधिवक्ता हरपाल सिंह ने विद्यार्थियों को बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम 2012 के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधानों तथा अपराध की रिपोर्टिंग और कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। साथ ही बच्चों के लिए बाल-अनुकूल कानूनी सेवा योजना 2024 के बारे में बताते हुए बच्चों को शोषण, दुव्र्यवहार एवं हिंसा से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि विद्यार्थियों को मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवा योजना 2024, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 तथा दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान नशा-मुक्त भारत के लिए नशा जागरूकता और वेलनेस नेविगेशन योजना 2025 के बारे में जागरूक करते हुए नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 की धारा 27 के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं कानूनी अधिकारों के संबंध में भी विद्यार्थियों को बताया गया।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकार, बाल संरक्षण कानूनों तथा बच्चों को उपलब्ध विभिन्न कानूनी अधिकारों और सुविधाओं के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा नागरिकों के कानूनी अधिकारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने, आवश्यकता पडऩे पर उचित सहायता लेने तथा अपने परिवार एवं समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर डीएलएसए कुरुक्षेत्र एवं नालसा की नि:शुल्क कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे। कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।






