संगरूर, 02 सितंबर, 2026 (गुरप्रीत सिंह): “अपने घर में उगाई गई सब्जियां केवल ताजगी ही नहीं देतीं, बल्कि परिवार के स्वास्थ्य, पोषण और खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत करती हैं।” यह विचार पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के पीएयू-फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, संगरूर के प्रभारी एवं वरिष्ठ विस्तार वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार गर्ग ने गांव घनौर कलां में किसानों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार शिक्षा के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित विशेष विस्तार गतिविधि के दौरान घरेलू बागवानी में सर्दी के मौसम की सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 30 प्रदर्शनियां स्थापित की गईं। इनके माध्यम से किसानों को सब्जियों का चयन, बुवाई का उचित समय, खादों का संतुलित उपयोग, सिंचाई और बगीचे की देखभाल से जुड़ी व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी दी गई। इसके अलावा धान में संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन और फोक (खोखले दाने) को कम करने के लिए पोटाशियम नाइट्रेट के उपयोग के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गई।
डॉ. गर्ग ने कहा कि आज के समय में घरेलू बागवानी का महत्व और बढ़ गया है। घर के आसपास उपलब्ध थोड़ी सी जगह का सही उपयोग करके परिवार की दैनिक जरूरत के अनुसार कई प्रकार की ताजी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं। इससे परिवार को लगातार ताजी, स्वच्छ और पौष्टिक सब्जियां मिल सकती हैं और बाजार से सब्जियां खरीदने पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकता है। खेतों में ट्यूबवेल के पास या अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी घरेलू जरूरत के अनुसार सब्जियों की खेती की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि सितंबर माह सर्दी के मौसम की कई महत्वपूर्ण सब्जियों की बुवाई के लिए उपयुक्त समय है। ब्रोकली, मटर, मूली, गाजर, शलजम और विभिन्न पत्तेदार सब्जियों की समय पर बुवाई करने से अच्छी पैदावार के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि अनुशंसित किस्मों का चयन, उचित बुवाई समय और स्वस्थ बीज का इस्तेमाल सफल सब्जी उत्पादन के प्रमुख आधार हैं। मिट्टी की उर्वरता के अनुसार खाद का प्रयोग और जरूरत के मुताबिक सिंचाई करने से संसाधनों की बचत के साथ बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
डॉ. गर्ग ने बताया कि धान में फोक कम करने और दानों के भराव में सुधार के लिए गोभ अवस्था में 1.5 प्रतिशत पोटाशियम नाइट्रेट (13:0:45) का पत्तियों पर छिड़काव करने की सिफारिश की जाती है। इसके लिए 3 किलोग्राम पोटाशियम नाइट्रेट को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव किया जा सकता है।
किसानों से किसान मेलों में अधिक से अधिक भाग लेने की अपील
इस अवसर पर डॉ. गर्ग ने किसानों को सितंबर 2026 में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जा रहे किसान मेलों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से इन मेलों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कृषि की नई तकनीकों, उन्नत किस्मों, कृषि मशीनरी और विश्वविद्यालय की नवीनतम सिफारिशों के बारे में जानकारी लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती और घरेलू स्तर पर सब्जियों की खेती, दोनों ही परिवार की आय, पोषण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। किसानों को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिशों को अपनाते हुए खेती में नई एवं वैज्ञानिक तकनीकों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रदर्शनियों के सफल आयोजन में गांव के अमरीक सिंह, गुरतेज सिंह, मुख्तियार सिंह और बलविंदर सिंह ने विशेष सहयोग दिया।






