हरियाणा, 03 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कम पढ़े-लिखे युवाओं की पृष्ठभूमि का गहन सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाए और उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर कार्य योजना लागू की जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को विभिन्न विभागों की गुड प्रैक्टिसेज को लेकर आयोजित प्रस्तुति बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, डॉ. सुमिता मिश्रा, जी. अनुपमा, ए.के. सिंह, विजेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि जेलों में कौशल विकास कार्यक्रम के तहत राज्य की 5 जेलों में आई.टी.आई संचालित की जा रही हैं, ताकि जेलों से बाहर आने के बाद कैदी आसानी से अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इनमें 8 अलग-अलग ट्रेडों में एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें अब तक 123 युवाओं ने आईटीआई उत्तीर्ण की है। इसके अलावा 20 जेलों में तीन महीने तक के शॉर्ट टर्म वोकेशनल कोर्स भी करवाए जा रहे हैं, जिनमें 1,604 युवाओं ने पंजीकरण कराया है।
बैठक में बताया गया कि जेलों में उल्लास योजना के तहत भी 3,321 युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए पंजीकृत किया गया है। इसी प्रकार शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत इग्नू और एनआईओएस के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए दाखिले किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कैदियों की आबादी के शैक्षणिक प्रोफाइल के अनुसार राज्य की विभिन्न जेलों में 3,346 अनपढ़ युवा हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन युवाओं का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाए और यह जानकारी जुटाई जाए कि वे किन कारणों से कम पढ़े-लिखे रह गए।
हर पेड़ की जियो-टैगिंग सुनिश्चित की जाए
वन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के तहत अब तक 70 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। इनमें ग्रीन कवर के लिए मियावाकी योजना के तहत 19 क्षेत्रों में एक एकड़ से अधिक भूमि पर पौधे लगाए गए हैं।
शहरों में एक लाख पौधे लगाए गए हैं और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सहयोग से उनकी सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने हर पेड़ की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 200 से अधिक नर्सरियों में 1,392 किस्मों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पौधे लगाने के बाद तीन वर्ष तक उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में सफेदा के पौधे लगाए जाएं। साथ ही पिछले वर्ष लगाए गए पौधों में से कितने पौधे जीवित बचे हैं, इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
2,157 ग्राम पंचायतें टी.बी मुक्त घोषित
मुख्यमंत्री को बताया गया कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां टेली-ईसीजी सेवा उपलब्ध है। राज्य के सभी 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके माध्यम से 1,086 मरीजों में गंभीर बीमारी का समय पर पता लगाया गया और उन्हें स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम के तहत 2,157 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। निक्षय मित्रों के माध्यम से टीबी मरीजों को दवाइयों के साथ 1,000 रुपये की सहायता भी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा डे-केयर सेंटरों में कैंसर मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस और कायाकल्प कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 22 जिलों में से 16 जिला अस्पतालों में आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने के साथ उनका नवीनीकरण किया जा चुका है। बाकी अस्पतालों का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार योजना के तहत जिला और उपमंडल अस्पतालों में बीपी, शुगर, कैंसर, एएनसी, पीएनसी, टीकाकरण, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और वयस्कों की काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। चालू वर्ष के दौरान 2,20,247 महिलाओं ने इन सेवाओं का लाभ लिया है।
हर पात्र महिला को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ मिले
सेवा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ हर पात्र महिला को सुनिश्चित किया जाए। कोई भी योग्य महिला इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग, विधवा, वृद्धावस्था और विधुर लोगों को दी जाने वाली पेंशन एवं वित्तीय सहायता प्रो-एक्टिव मोड के माध्यम से प्रदान की जा रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव अजय कुमार, कमिश्नर एवं सचिव जे. गणेशन, गृह विभाग की सचिव आमना तसनीम सहित सेवा, स्वास्थ्य, गृह और वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।





