कुरुक्षेत्र,4 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर पात्र मतदाताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मिलान में मिली विसंगतियों तथा पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान न होने के कारण प्राप्त हो रहे नोटिस के सम्बन्ध में आम जनता द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। केवल पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में नाम अथवा विवरण का मिलान न होने या पुराना मतदाता रिकॉर्ड उपलब्ध न होने मात्र से किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि विशेष रूप से ऐसे मतदाता जो हरियाणा में आकर लंबे समय से निवास कर रहे हैं और वर्षों से यहां मतदान कर रहे हैं, आवश्यक दस्तावेजों एवं पुराने मतदाता अभिलेखों को लेकर चिंता जता रहे हैं। कुछ मतदाताओं का कहना है कि उनसे उनके संबंधित पुराने मतदाता रिकॉर्ड अथवा अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा है, जबकि लंबे समय से वर्तमान निवास स्थान पर निवास करने के कारण ऐसे पुराने अभिलेख अब उनके पास उपलब्ध नहीं हैं या उन तक उनकी पहुंच नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है। मतदाता की पात्रता का परीक्षण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे किसी भी अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें।
जन्म तिथि के आधार पर प्रस्तुत करने होंगे पात्रता संबंधी दस्तावेज
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार जिन मतदाताओं का पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है, उन्हें अपनी पात्रता के साक्ष्य के रूप में निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, तो वह निर्धारित दस्तावेजों की सूची में से स्वयं का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। इसी प्रकार 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच भारत में जन्मे व्यक्ति को स्वयं तथा अपने माता-पिता में से किसी एक का निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में जन्मे व्यक्ति को स्वयं, अपने पिता तथा माता के निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं तो जन्म के समय उनके वैध वीजा एवं पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने कहा कि भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। वहीं पंजीकरण अथवा नागरिकीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले व्यक्ति को नागरिकता पंजीकरण प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा।
निर्धारित दस्तावेजों की सूची
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि निर्धारित सांकेतिक दस्तावेजों की सूची में केंद्र अथवा राज्य सरकार, पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश, सरकार अथवा स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी अथवा पीएसयू द्वारा जारी पहचान पत्र, प्रमाण-पत्र अथवा अन्य दस्तावेज, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जहां लागू हो, राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आधार से संबंधित मामलों में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संबंधित निर्देश लागू होंगे।
30 सितंबर तक फार्म-6 व फार्म-8 जमा करवाएं पात्र मतदाता
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सभी पात्र मतदाता प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो फार्म-6 तथा मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फार्म-8 भरकर 30 सितंबर तक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी अथवा बीएलओ के पास जमा करवाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों द्वारा मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने अथवा स्थानांतरण के लिए फार्म-6 व फार्म-8 के साथ घोषणा-पत्र भी जमा करवाना होगा। इसमें पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता/दादा-दादी के विवरण की जानकारी दी जानी है। यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची का रिकॉर्ड अथवा विवरण उपलब्ध नहीं है, तो वह अपने जन्म वर्ष के अनुसार निर्धारित दस्तावेज फार्म-6 अथवा फार्म-8 के साथ अवश्य संलग्न करे।
समस्या होने पर बीएलओ, ईआरओ/एईआरओ कार्यालय अथवा 1950 पर करें संपर्क
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने पात्र मतदाताओं से अपील की कि जिलावासी किसी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। वे अपने नाम की जांच करने के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा में आवश्यक फार्म एवं दस्तावेज जमा करवाएं। किसी मतदाता को दस्तावेजों, पंजीकरण अथवा एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कोई समस्या या शंका हो तो वह अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ अथवा एईआरओ कार्यालय अथवा हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। उन्होंने दोहराया कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है तथा किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।






