चंडीगढ़, 07 सितंबर, 2026 (दीपक दत्ता): पंजाब सरकार की ओर से जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति पर आपत्ति जताए जाने के बावजूद उन्होंने आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 37वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। वह अब जस्टिस शील नागू का स्थान लेंगे।
जस्टिस मिश्रा को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब राजभवन में आयोजित समारोह के दौरान पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मौजूद रहे।
हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी को पंजाब सरकार द्वारा जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को लेकर जताई गई आपत्ति से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, पंजाब सरकार ने जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति पर असहमति जताते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि शपथ ग्रहण से पहले पंजाब सरकार की सहमति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाए। सरकार का कहना था कि सहमति मिलने तक शपथ ग्रहण समारोह को रोका जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे पर एक दिन पहले आपातकालीन कैबिनेट बैठक भी बुलाई थी। बैठक में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रस्ताव के जरिए केंद्र सरकार से अपील की गई थी कि पंजाब सरकार की सहमति मिलने तक नए मुख्य न्यायाधीश को शपथ न दिलाई जाए।
इसके बावजूद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने आज मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ ले ली।






