नई दिल्ली/चंडीगढ़, 10 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नई 23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया है। इसके साथ ही पार्टी ने अपनी शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पी.ए.सी.) में भी बदलाव किए हैं।
पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की 15वीं बैठक के दौरान अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर सर्वसम्मति से राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। वहीं पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव और एन.डी. गुप्ता को दोबारा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चुना गया। बैठक में देशभर से 330 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 23 सदस्य: ’आप‘ द्वारा गठित नई 23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अरविंद केजरीवाल, आतिशी, आदिल अहमद खान, अनुराग ढांडा, भगवंत सिंह मान, दिलीप पांडे, दुर्गेश पाठक, गोपाल इटालिया, गोपाल राय, रानी अग्रवाल, हरपाल सिंह चीमा, मनीष सिसोदिया, मोहम्मद इरशाद, एन.डी. गुप्ता, पंकज गुप्ता, प्रीति शर्मा मेनन, पृथ्वी रेड्डी, राखी बिड़ला, विभव कुमार, संजय सिंह, सतेंद्र जैन, शैली ओबेरॉय और राजबीर सिंह घुम्मण को शामिल किया गया है।
नई सूची में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को जगह मिली है। वहीं पुरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल रहे अमन अरोड़ा का नाम नई 23 सदस्यीय कार्यकारिणी में नहीं है।
पी.ए.सी. में मान और चीमा की एंट्री: संगठनात्मक बदलाव का अहम पहलू यह है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को ’आप‘ की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पी.ए.सी.) में शामिल किया गया है। पी.ए.सी. को पार्टी की प्रमुख निर्णय लेने वाली संस्था माना जाता है। इसके अलावा दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन को भी पी.ए.सी. में जगह दी गई है।
पंजाब के दो प्रमुख नेताओं को पी.ए.सी. में शामिल किए जाने को राज्य इकाई की भूमिका को पार्टी की राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में और मजबूत करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह बदलाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई टीम में नए चेहरों को भी जगह: नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दिल्ली और अन्य राज्यों से जुड़े कुछ नए चेहरों को भी शामिल किया गया है। विभव कुमार, जिन्हें अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी के तौर पर जाना जाता है, तथा पंजाब से संबंधित राजबीर सिंह घुम्मण को भी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली है।
’आप‘ का यह संगठनात्मक फेरबदल ऐसे समय हुआ है, जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर नई टीम के गठन के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल चीमा को पी.ए.सी. में शामिल करना पार्टी की चुनावी रणनीति में पंजाब के महत्व को भी रेखांकित करता है।
इस फेरबदल के बाद अरविंद केजरीवाल की राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी नेतृत्व की स्थिति और मजबूत हुई है। वहीं भगवंत मान और हरपाल चीमा की पार्टी की राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में भूमिका बढ़ी है। अब नई टीम के सामने पंजाब समेत आगामी चुनावी चुनौतियों के बीच संगठन को मजबूत करने और पार्टी की रणनीति को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।






