पंचकूला, 14 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने समाज से देश के वीर सैनिकों के बलिदान को सदैव याद रखने, उनके परिवारों का सम्मान करने और उनके साहस, समर्पण एवं राष्ट्र सेवा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
पंचकूला में आज अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, हरियाणा द्वारा आयोजित वीर नारी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण, सम्मान एवं पुनर्वास की जिम्मेदारी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि उनके हित में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनमें ‘वन रैंक वन पेंशन’ का कार्यान्वयन भी शामिल है। उन्होंने बताया कि देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली एक्स-ग्रेशिया राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने वीर नारियों को सम्मानित किया और राष्ट्र के प्रति उनके त्याग, साहस एवं योगदान को नमन किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए 10 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. घोष ने दो पुस्तकों ‘पूर्व सैनिक गौरव स्मारिका’ और ‘विकास की बुलंद उड़ान’ का भी विमोचन किया।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा की समृद्ध और गौरवशाली सैन्य परंपरा रही है। प्रदेश के अनगिनत सैनिकों ने अद्वितीय साहस, समर्पण और देशभक्ति के साथ देश की सेवा की है। रेजांग ला की लड़ाई में अहीरवाल क्षेत्र के सैनिकों के वीरतापूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि रेजांग ला में वीर सैनिकों ने विषम परिस्थितियों और भारी चुनौतियों के बावजूद अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। उनका बलिदान भारतीय सैनिक बहादुरी की एक अमिट मिसाल है। उन्होंने कहा कि सच्चा साहस संख्या या परिस्थितियों से नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक डटे रहने के संकल्प से परिभाषित होता है।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग’ की स्थापना की है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के लिए बजट आवंटन 58.93 प्रतिशत बढ़ाकर 178.14 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण एवं सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्यपाल ने सभी से अपील करते हुए कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के बलिदान को कभी भुलाया न जाए और उनके परिवारों को उचित सम्मान, देखभाल तथा हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, हरियाणा के अध्यक्ष कर्नल गोपाल सिंह, राज्यसभा के पूर्व सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल डी.पी. वत्स, परिषद के नेशनल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मेजर जनरल आर.पी.एस. भदौरिया सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।






