अमलोह/फ़तेहगढ़ साहिब, 17 सितंबर, 2026 (जगजीत सिंह): ज़िले के ब्लॉक अमलोह के गांव सलाणा जीवन सिंह वाला के प्रगतिशील किसान श्री सिमरनजीत सिंह, पर्यावरण को दूषित होने से बचाने में अपना सराहनीय योगदान दे रहे हैं। यह प्रगतिशील किसान अपने पैतृक व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग) में नई मिसालें पेश कर रहे हैं। मलोट, श्री मुक्तसर साहिब में आयोजित राज्य स्तरीय किसान मेले में पंजाब के कृषि मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा नवीनतम तकनीकों को अपनाकर खेती करने वाले प्रगतिशील किसान सिमरनजीत सिंह को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया है।
प्रगतिशील किसान श्री सिमरनजीत सिंह ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से 15 एकड़ में फसल के अवशेषों को बिना आग लगाए जैविक खेती करके न केवल अधिक मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि लोगों को ज़हर-मुक्त फसल पैदा करके पौष्टिक आहार भी उपलब्ध करा रहे हैं। किसान सिमरनजीत सिंह फसल विविधीकरण (क्रॉप डायवर्सिफिकेशन) को महत्व देते हुए जैविक बासमती 1509 और 1121, सरसों, सोयाबीन, हल्दी, काली गेहूं, चपाती नं.1 गेहूं, मूंग, उड़द (माह), चने, कंगनी, कोधरा, ऑर्गेनिक प्याज, जौ, सफेद तिल और नेपियर बाजरा भी उगाते हैं। यह किसान जी.एस.सी.7 सरसों की प्रोसेसिंग करके तेल और पशुओं की खल तैयार करते हैं। इसके अलावा हल्दी-पंजाब नं. 1, सुगंध हल्दी, काली हल्दी, हल्दी-पंजाब नं. 1 का बीज तैयार करके और हल्दी की प्रोसेसिंग द्वारा शुद्ध जैविक हल्दी तैयार करके बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है।

सिमरनजीत सिंह स्वयं ही केंचुआ खाद (वर्मीकंपोस्ट) तैयार करते हैं, जिससे ज़मीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। यह किसान बारिश के पानी को पुराने कुएं में एकत्र करके वॉटर रिचार्जिंग (भूजल पुनर्भरण) भी करते हैं।
प्रगतिशील किसान ने अन्य किसानों को आह्वान करते हुए कहा कि धरती की देखभाल के लिए पराली को खेत में मिलाना और बिना आग लगाए गेहूं की बिजाई करना समय की मांग है, क्योंकि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए यदि हम अभी से सतर्क नहीं हुए, तो भविष्य में हमें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।





