Tuesday, September 29, 2026
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लहरागागा अस्पताल में दूरबीन से जटिल ऑपरेशन और इलाज सेवाएं शुरू; क्षेत्रवासियों को मिलेगी बड़ी राहत: बरिंदर कुमार गोयल

लहरागागा, 17 सितंबर, 2026 (जगजीत सिंह): मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा लोगों को उनके घरों के पास गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के तहत विधानसभा क्षेत्र लहरागागा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लहरागागा में मेडिकल कॉलेज के अधीन चल रहे अस्पताल में ओ.पी.डी. सेवाओं के बाद अब मरीजों को भर्ती करने के साथ-साथ मेजर और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (दूरबीन द्वारा ऑपरेशन) भी शुरू कर दी गई हैं।

अस्पताल का विशेष दौरा कर यहां उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि लंबे समय से उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहे लहरागागा और आसपास के इलाकों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के लोगों को कई तरह के ऑपरेशनों और विशेषज्ञ चिकित्सा उपचार के लिए संगरूर, पटियाला, हिसार, टोहाना या अन्य दूर-दराज के शहरों के महंगे अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 15 अप्रैल से अस्पताल में ओ.पी.डी. सेवाएं शुरू की गई थीं और अब इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आई.पी.डी.) तथा मेजर सर्जरी की सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के जरिए एक बच्ची का जन्म हुआ है, जबकि एक अन्य मरीज के हर्निया समेत तीन ऑपरेशन एक साथ सफलतापूर्वक किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठित लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. नितीश जैन, जो पहले मैक्स अस्पताल दिल्ली में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, द्वारा अस्पताल में दूरबीन के जरिए पित्त की थैली निकालने का सफल ऑपरेशन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में मरीजों को आमतौर पर 60 से 70 हजार रुपये या उससे भी अधिक खर्च करने पड़ते हैं, जबकि यहां मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत संबंधित मरीज का इलाज बिना किसी खर्च के किया गया है।

एडवोकेट बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत योग्य लाभार्थियों को ऑपरेशन, एनेस्थीसिया, आवश्यक टेस्ट, दवाइयां, बेड और अन्य संबंधित इलाज सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि मरीजों को दवाइयों के लिए बाहरी मेडिकल स्टोरों पर भटकने से बचाने के लिए आवश्यक दवाइयां अस्पताल स्तर पर ही उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा मरीजों और उनके परिवारों की सुविधा के लिए अस्पताल में ही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने के लिए विशेष काउंटर स्थापित किया गया है ताकि योग्य व्यक्ति बिना किसी अनावश्यक परेशानी के योजना का लाभ ले सकें।

मेडिकल कॉलेज के बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज परिसर लगभग 6 से 7 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और यहां 440 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने से लहरागागा ही नहीं बल्कि मूनक, खनौरी और आसपास के बड़े ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि मूनक और खनौरी के अस्पतालों को भी ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में इस मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क विकसित होगा।

श्री गोयल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूरी क्षमता के साथ कार्यशील होने के बाद डॉक्टरों, पैरा-मेडिकल स्टाफ, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य कर्मचारियों सहित लगभग 1100 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में अन्य सहायक व्यवसायों और सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना सिर्फ एक इमारत या स्वास्थ्य परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लहरागागा के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इस संस्थान के पूरी तरह कार्यशील होने से क्षेत्र के युवाओं के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और उन्हें डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के इलाकों या विदेशों पर निर्भरता घटेगी।

विपक्षी दलों द्वारा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से संबंधित की जा रही आलोचना का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय इस क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी थी और गंभीर मरीजों को अक्सर संगरूर, पटियाला, हिसार या टोहाना के लिए रेफर करना पड़ता था।

उन्होंने कहा, “यदि गरीब और आम परिवारों को मुफ्त दवाइयां, टेस्ट और ऑपरेशनों की सुविधा देना किसी को ‘ड्रामा’ लगता है, तो वे लोगों को यह भी बताएं कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऐसी सुविधाएं मुहैया कराकर लोगों को राहत क्यों नहीं दी।”

श्री गोयल ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर संकीर्ण राजनीति करने के बजाय जनहित में किए जा रहे कार्यों को स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का ध्यान राजनीतिक बयानबाजी के बजाय लोगों को जमीनी स्तर पर सुविधाएं देने पर केंद्रित है।

इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधकों और डॉक्टरों की टीम ने जानकारी दी कि सर्जरी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल में नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगे और मरीजों के आवश्यक मेडिकल टेस्ट और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार ऑपरेशन की तारीख तय की जाएगी।

अंत में कैबिनेट मंत्री एडवोकेट बरिंदर कुमार गोयल ने लहरागागा, मूनक, खनौरी और आसपास के इलाकों के निवासियों से अपील की कि वे इलाज के लिए दूर-दराज के महंगे निजी अस्पतालों की ओर जाने से पहले लहरागागा में पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी जरूर प्राप्त करें और योग्यता अनुसार मुफ्त इलाज सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

इस अवसर पर डॉ. रजनीश जैन सहित विभिन्न पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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