नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026 (छत्रपाल सिंह): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विदेशी फंड से जुड़े कथित नियमों के उल्लंघन के मामले में अमेरिका स्थित संस्था ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (TTI) समेत सात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में लगभग 92.55 करोड़ रुपये के विदेशी फंड के कथित तौर पर अवैध इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।
CBI के आर्थिक अपराध-II (EO-II), दिल्ली द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक यह मामला 27 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया। जांच एजेंसी ने विदेशी अंशदान अधिनियम , 2010 की धारा 8, 11, 17 और 35 सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। FIR में जोनाथन एस राजन , मीका मार्क , अजीत वर्गीस मथल , बब्लू कुर्मी , सुप्रीम जॉय , वर्गीस चाको और अमेरिका स्थित ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा कुछ अज्ञात व्यक्तियों का भी ज़िक्र किया गया है।
CBI की FIR में आरोप है कि आरोपियों ने TTI के साथ कथित साजिश रचकर विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए भारत के विभिन्न ATM से विदेशी फंड निकाले। ये डेबिट कार्ड अमेरिका के ट्रुइस्ट बैंक द्वारा जारी किए गए बताए गए हैं। FIR के अनुसार नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच लगभग 92.55 करोड़ रुपये (9,995,240 अमेरिकी डॉलर) कथित तौर पर निकाले गए। इसके अलावा जनवरी 2024 से मार्च 2026 तक कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और असम समेत कई राज्यों में इन विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए लगभग 44 करोड़ रुपये निकालने का भी आरोप है।
FIR में आगे बताया गया है कि 18 अप्रैल 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीका मार्क को रोका था। जांच एजेंसी के आरोप के मुताबिक उसके पास से ट्रुइस्ट बैंक द्वारा जारी 24 विदेशी डेबिट कार्ड मिले थे। FIR के अनुसार इन कार्डों पर “संतोष कुमार” का नाम दर्ज था और आरोप है कि यह नाम अजीत वर्गीस मथल के निर्देशों पर इस्तेमाल किया गया था, ताकि असली उपयोगकर्ताओं की पहचान छिपाई जा सके।
CBI ने FIR में यह भी आरोप लगाया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस तरह के 1,000 से अधिक डेबिट कार्ड भारत में बांटे गए। जांच के दौरान तलाशी कार्रवाई के बाद TTI का ग्लोबल पोर्टल भारत में कथित तौर पर पहुंच से बाहर हो गया। इसके अलावा क्लाउड पर मौजूद डेटा और जब्त किए गए लैपटॉप से डेटा रिमोट तरीके से मिटाए जाने का भी FIR में आरोप है।
FIR के मुताबिक जोनाथन एस राजन को भारत में TTI के समग्र संचालन का प्रभारी बताया गया है। उस पर ATM के जरिए निकाले गए फंड को TTI की गतिविधियों—जिसमें प्रशिक्षण और प्रचार से संबंधित काम शामिल हैं—के लिए इस्तेमाल करने का कथित तौर पर समन्वय करने का आरोप है। इसी तरह अजीत वर्गीस मथल पर कथित वित्तीय लेन-देन में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, जबकि वर्गीस चाको, सुप्रीम जॉय और बब्लू कुर्मी के बारे में FIR में कहा गया है कि वे कथित तौर पर ज़मीनी स्तर पर काम करते थे और विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए नकदी निकालते थे।
CBI की FIR के मुताबिक सामने आए कथित तथ्य FCRA, BNS और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराधों की ओर पहली नज़र में इशारा करते हैं। मामले की जांच जारी है और FIR में लगाए गए आरोपों की कानूनी जांच अभी होनी बाकी है।






