हरिद्वार, 18 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): हरिद्वार के चर्चित निठारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी रहे सुरिंदर कोली का शव शुक्रवार को हरिद्वार के सप्तऋषि इलाके में मिला। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लगता है, लेकिन मौत की असली वजह की पुष्टि फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगी। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
हरिद्वार सिटी सीओ शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार, घटनास्थल से मिले आधार कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान सुरिंदर कोली के रूप में हुई है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने मौके की जांच की है और शुरुआती प्रक्रिया के बाद डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में रह रहा था और हाल ही में वहां चाय की दुकान चला रहा था। परिजनों को मौत की सूचना दे दी गई है।
क्या था निठारी कांड? नोएडा के निठारी इलाके में कई बच्चों और महिलाओं के गायब होने के बाद, दिसंबर 2006 में उद्योगपति मोनिंदर सिंह पंधेर के घर के पीछे नाले से मानव अवशेष मिलने पर यह मामला देश भर में चर्चा में आया था। कोली उस घर में घरेलू नौकर के रूप में काम करता था। दोनों को 29 दिसंबर 2006 को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई थी।
निचली अदालतों (ट्रायल कोर्ट) ने कोली को कई मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद की न्यायिक कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष के सबूतों, इकबालिया बयानों और बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे।
16 अक्टूबर 2023 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ने कोली को 12 मामलों में बरी कर दिया। राज्य सरकार द्वारा दायर अपीलों को सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2025 में खारिज कर दिया था। इसके बाद बचे आखिरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 के अपने फैसले में पिछली सजा को भी रद्द करते हुए कोली को बरी करने का आदेश दिया और उसकी रिहाई का रास्ता साफ किया।
इस तरह, वर्तमान कानूनी स्थिति के अनुसार कोली निठारी मामलों में सजायाफ्ता दोषी नहीं था; उसकी सजा को अदालती फैसलों द्वारा रद्द कर दिया गया था। उसकी मौत के इस मामले में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।






