अमृतसर, 18 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को अमृतसर में सिख समुदाय के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समूहों, जिनमें संत समाज और निहंग संगठनों से जुड़े व्यक्ति भी शामिल थे, द्वारा विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम गुरुद्वारा छठी पातशाही में हुआ, जहां पाठ, गुरबाणी कीर्तन और अरदास की गई। इस अरदास में प्रधानमंत्री की ‘चढ़दी कला’ (उच्च मनोबल/प्रगति), उत्तम स्वास्थ्य और देश की शांति-समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई।
यह कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू के नेतृत्व में सिख नेताओं के एक जत्थे ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका और बाद में लंगर हाल में लंगर सेवा तथा जोड़ा घर (जूता घर) में सेवा की। कार्यक्रम के दौरान ‘चढ़दी कला’ और ‘सरबत दा भला’ (सभी का कल्याण) के सिख सिद्धांतों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में ज्ञानी सुखदेव सिंह, गुरदर्शन सिंह, जत्थेदार हरबंस सिंह मंझपुर, करम सिंह, बाबा मेजर सिंह, संत बाबा हरदीपक सिंह टिब्बे वाले और एसजीपीसी (SGPC) सदस्य चरणजीत सिंह सहित कई धार्मिक और सामाजिक हस्तियों की उपस्थिति की सूचना है। इस अवसर पर संत समाज द्वारा ‘दिल-तो-दिल: ए सागा ऑफ रेवरेंस’ नामक एक पुस्तक भी जारी की गई।
कार्यक्रम में शामिल सिख नेताओं ने केंद्र सरकार की कुछ पहलों – करतारपुर साहिब कॉरिडोर, सिख गुरु साहिबानों के प्रकाश पर्वों के वैश्विक स्तर के कार्यक्रम, वीर बाल दिवस, लंगर से जुड़ी जीएसटी (GST) राहत और गुरुधामों के लिए परिवहन कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए इन्हें सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण बताया। ये विचार कार्यक्रम में मौजूद नेताओं के अपने बयानों के रूप में दर्ज हैं।
सतनाम सिंह संधू ने कहा कि केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के दौरान सिख विरासत और गुरुधामों से संबंधित कई पहल की गई हैं। संत समाज से जुड़े नेताओं ने भी मोदी सरकार के साथ सिख समुदाय के संबंधों और सरकार की विभिन्न पहलों की सराहना की।
उधर, प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर देशभर से मिलीं शुभकामनाओं और सेवा गतिविधियों के लिए आभार व्यक्त किया। केंद्र सरकार के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, ‘सेवा संकल्प’ से जुड़ी गतिविधियां 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाई जा रही हैं।
महत्वपूर्ण बात: अमृतसर का यह कार्यक्रम सिख समुदाय के कुछ समूहों और नेताओं द्वारा आयोजित किया गया था; इसे पूरे सिख समुदाय या एसजीपीसी की सर्वसम्मत आधिकारिक राय के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।






