टोहाना, 18 सितम्बर, 2026 (संजीव शर्मा): महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत गांव बलियावाला में आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों को उपलब्ध करवाए जा रहे गर्म पके हुए भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की सामुदायिक निगरानी के संबंध में माताओं एवं समुदाय के सदस्यों को जागरूक किया गया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग सुपरवाइजर करमजीत कौर ने क्षेत्र की महिलाओं को बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, मात्रा, स्वच्छता तथा स्वीकार्यता का अवलोकन करने के लिए प्रेरित किया।
सुपरवाइजर करमजीत कौर ने बताया कि पोषण माह के अंतर्गत बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पोषण माह की थीम-3 ‘भोजन की गुणवत्ता की सामुदायिक निगरानी’ के तहत माताओं एवं समुदाय के सदस्यों को आंगनवाड़ी केंद्र की गतिविधियों से जोड़कर भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को परोसे जाने वाले गर्म पके हुए भोजन के दौरान महिलाओं को उपस्थित रहकर भोजन की व्यवस्था का अवलोकन करना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है और भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता के निर्धारित मानकों का ध्यान रखा जा रहा है।
करमजीत कौर ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र पर प्रदर्शित मेनू के अनुसार ही बच्चों को भोजन परोसा जाना चाहिए। इसके साथ ही भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मात्रा, स्वच्छता तथा बच्चों द्वारा भोजन की स्वीकार्यता का भी ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन में पौष्टिकता के साथ-साथ स्वच्छता एवं स्वाद का भी विशेष महत्व है, ताकि बच्चे भोजन को रुचि के साथ ग्रहण करें।

उन्होंने कहा कि बच्चों के समुचित विकास के लिए उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना सामूहिक जिम्मेदारी है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों को पोषण एवं प्रारंभिक देखभाल से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में माताओं और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इन सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सकता है।
उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र पर भोजन वितरण के दौरान अपनाई जाने वाली निगरानी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें प्रदर्शित मेनू के अनुसार भोजन दिए जाने, भोजन की गुणवत्ता एवं मात्रा, स्वच्छता तथा बच्चों द्वारा भोजन को पसंद किए जाने संबंधी पहलुओं का अवलोकन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित गांव की महिलाए मौजूद रहीं।






