Wednesday, September 30, 2026
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भारतनेट परियोजना के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों को मिलेगा न्यूनतम 100 एम.बी.पी.एस. स्पीड का ब्रॉडबैंड कनेक्शन:विश्राम कुमार मीणा

कुरुक्षेत्र, 19 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारतनेट परियोजना के माध्यम से जिले के सभी गांवों में न्यूनतम 100 एमबीपीएस स्पीड वाले ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाने हैं। ये कनेक्शन केवल पंचायत एवं ग्राम सचिवालय के उपयोग के लिए उपलब्ध करवाए जाने है ताकि गांव स्तर तक बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के वीडियो कांफ्रेंस हॉल में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, भारतनेट परियोजना, टेलीकॉम सेवाओं तथा संबंधित विभागों के कार्यों की समीक्षा की। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में नगराधीश आशीश कुमार भी मौजूद रहे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले में टेलीकॉम से संबंधित कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग का कार्य जिला स्तरीय टेलीकॉम कमेटी (डीएलटीसी) करेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कमेटी के माध्यम से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भारतनेट परियोजना के तहत आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी की जाए। हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी ई-गवर्नेंस सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना बीएसएनएल द्वारा रिंग आधारित न्यूनतम नवीनतम मॉडल के तहत हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाने से संबंधित है। गांवों में स्थापित होने वाले इंटरनेट कनेक्शन के पूर्ण कस्टोडियन संबंधित ग्राम पंचायतें होंगी।
उन्होंने कहा कि किसी स्थान पर खुदाई या जेसीबी से कार्य किए जाने की सूचना समय रहते सभी संबंधित विभागों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि भूमिगत पाइपलाइन, बिजली की तारों तथा अन्य विभागीय नेटवर्क को नुकसान होने और उनकी कटिंग की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि बैठक में टेलीकॉम टावर स्थापित करने, टेलीकॉम इंडस्ट्री से संबंधित शिकायतों के समाधान तथा इन्वेस्ट हरियाणा पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी की गई। पोर्टल पर आने वाले आवेदनों में पेंडेंसी न रखी जाए तथा निर्धारित समयावधि में निर्णय लेकर संबंधित मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस और अन्य ऑनलाइन सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी होगी।

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