Monday, September 28, 2026
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विकसित भारत-2047 में किसानों की होगी अहम भूमिका – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा, 20 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा):  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय ‘विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्त पोषण’ सम्मेलन के आयोजन के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए ऐसे सम्मेलन बेहद आवश्यक हैं। विकसित भारत की इस यात्रा को पूरा करने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि प्रधान हरियाणा ने देश के अन्न भंडारों को भरने और देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने हरियाणा के लिए “एकीकृत प्राकृतिक खेती एवं जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज” देने की मांग रखी।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस सम्मेलन में राज्यों और देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने को लेकर सार्थक चर्चा हुई। इसके अलावा, आने वाले समय में कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में हरियाणा की ओर से कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में किए जा रहे बेहतर कार्यों को प्रस्तुत किया गया तथा अन्य राज्यों ने भी अपने विचार साझा किए।
प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में वर्ष 2026-27 में प्राकृतिक एवं जैविक खेती का दायरा पिछले वर्ष की तुलना में चार गुना बढ़कर लगभग 50 हजार एकड़ तक पहुंच जाएगा। वर्ष 2030-31 तक इसे 1 लाख 50 हजार एकड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कुरुक्षेत्र में 2 हजार एकड़ का प्राकृतिक खेती मॉडल क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। सरकार ने मोरनी ब्लॉक को प्राकृतिक सब्जियों के क्षेत्र में मॉडल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
इसके लिए केंद्र सरकार से हरियाणा की विशेष परिस्थितियों और पहलों को ध्यान में रखते हुए “एकीकृत प्राकृतिक खेती एवं जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज” देने की मांग की गई है। इस पैकेज में भूजल रिचार्ज, वर्षा जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के विस्तार के लिए पूंजीगत निवेश को शामिल करने की मांग भी की गई है।
उन्होंने कहा कि बैठक में अनुरोध किया गया है कि केंद्र की विभिन्न योजनाओं के संसाधनों को एक समन्वित वित्तीय ढांचे में जोड़कर हरियाणा के लिए केंद्र प्रायोजित विशेष संयुक्त वित्तीय पैकेज पर विचार किया जाए।
‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से हुआ लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से काफी लाभ हुआ है। जो भी किसान खाद खरीदते हैं, उन्हें इस पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे किसानों की मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराई गई। इसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार की लगभग 900 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी की बचत हुई है।
केंद्र सरकार ने पूरे देश में एफपीओ के इकोसिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। इसी दिशा में हरियाणा में हाल ही में ‘एफपीओ मिशन’ की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में जिस तरह से सेम का पानी ऊपर आ गया है, उससे करीब 6 लाख एकड़ भूमि प्रभावित है। इस समस्या के समाधान को लेकर भी सम्मेलन में सुझाव रखे गए।
सम्मेलन में सौर ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए सौर एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के सुझाव दिए गए। उम्मीद है कि इस सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और इनका लाभ देश के सभी राज्यों को मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, हरियाणा के वित्त विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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