कुरुक्षेत्र 22 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में डीएलएसए द्वारा विधिक जागरूकता बस के माध्यम से गांव त्योड़ा, त्योरी, ढोला मजरा एवं धनतोड़ी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधिक जागरूकता बस के माध्यम से ग्रामीणों, श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों तथा अन्य लाभार्थियों को विभिन्न कानूनी अधिकारों, विधिक उपायों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया।
सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि इस अवसर पर उपस्थित लोगों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम), पीडि़त मुआवजा योजना, पीडि़त देखभाल एवं सहायता प्रणाली, मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्य, महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, मध्यस्थता प्रक्रिया, सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र, किरमच, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसके साथ ही नालसा जागृति योजना—ग्रासरूट ग्रामीण सूचना एवं पारदर्शिता के लिए न्याय जागरूकता, राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 तथा नालसा आपदा पीडि़तों को विधिक सेवाएं योजना, 2010 सहित समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए संचालित विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के प्रतिनिधि ने विशेष रूप से किसानों एवं ग्रामीणों को विभिन्न कृषि योजनाओं, सरकारी सुविधाओं तथा उनके लिए उपलब्ध लाभों की जानकारी दी। वहीं पीएनबी आरसेटी के प्रतिनिधि ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वरोजगार के अवसरों, वित्तीय जागरूकता तथा आजीविका विकास एवं उद्यमिता से संबंधित योजनाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। इस संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को विधिक सेवाओं के साथ-साथ कृषि, स्वरोजगार, वित्तीय जागरूकता एवं आजीविका विकास से संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। लाभार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ग्रामीणों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विधिक जागरूकता बस के माध्यम से उनके गांव तक पहुंचकर दी गई कानूनी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी की सराहना की। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद लोगों तक विधिक सेवाओं एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे पहुंचाना रहा।






