नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) ने अपने आठ साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की उपलब्धियों को उजागर करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है। 23 सितंबर 2018 को शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल उपचार कवर मिलता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 21 सितंबर 2026 तक 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के पास आयुष्मान कार्ड मौजूद थे।
13.25 करोड़ अस्पताल दाखिलों को मिली मंजूरी: केंद्रीय सरकार के 31 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, AB-PMJAY के तहत लगभग 13.25 करोड़ अस्पताल दाखिलों को मंजूरी दी जा चुकी है। इन उपचारों की कुल लागत करीब 2.03 लाख करोड़ रुपये रही। योजना के तहत देशभर में 38,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं।
70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग भी दायरे में: आयुष्मान भारत का दायरा 70 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों तक भी बढ़ाया गया है। इससे बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के खर्च को कम करने के लिए वित्तीय सुरक्षा का एक अतिरिक्त प्रावधान हुआ है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 500 करोड़ से अधिक दौरे: प्रधानमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब लाने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, इन केंद्रों पर अब तक 500 करोड़ से अधिक दौरे दर्ज किए जा चुके हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, आयुष्मान भारत केवल अस्पताल में इलाज तक सीमित नहीं है। इसके साथ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी पहल भी काम कर रही हैं। 17 सितंबर 2026 तक 97.61 करोड़ से अधिक ABHA IDs सक्रिय हो चुकी थीं।
प्रधानमंत्री ने आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर आयुष्मान भारत के सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं और स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने की दिशा में जारी प्रयासों को रेखांकित किया।






