चंडीगढ़, 24 सितंबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग) : शिरोमणि अकाली दल (पुनर्गठित) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात कर पूर्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज एफ.आई.आर. और इससे जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने किया। इसमें महासचिव दविंदर सिंह सोढ़ी और भूपिंदर सिंह शेखूपुर, SGPC कार्यकारी समिति सदस्य मास्टर मिठ्ठू सिंह कणके तथा SGPC सदस्य जसवंत सिंह पधाऊण शामिल थे।
15 दिनों में जांच पूरी करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि SIT की अगुवाई किसी वरिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी को सौंपी जाए तथा जांच 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए। पार्टी ने कहा कि जांच का दायरा केवल FIR तक सीमित न रहे, बल्कि इससे जुड़े पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाए।
क्या है मामला?
रिपोर्टों के अनुसार, एक महिला की शिकायत के बाद श्री आनंदपुर साहिब में अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ बलात्कार, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होने के बाद चावला ने SGPC सदस्य और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। चावला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है।
प्रतिनिधिमंडल ने कौन से सवाल उठाए?
शिरोमणि अकाली दल (पुनर्गठित) ने मांग की कि SIT यह पता लगाए कि:
- बहरीन से महिला और उसकी बहू के लिए हवाई टिकट किसने करवाए और भारत आने का उद्देश्य क्या था।
- दिल्ली हवाई अड्डे पर महिला की कथित गिरफ्तारी और बाद में नाभा जेल में रहने से जुड़े तथ्य क्या हैं।
- नाभा जेल में उसे कथित रूप से मिली सुविधाओं और वहां उसकी किसी व्यक्ति से मुलाकात हुई या नहीं।
- महिला को नाभा जेल से श्री आनंदपुर साहिब स्थित भाई बचित्र सिंह निवास तक कौन लेकर गया, किस वाहन का इस्तेमाल किया गया और वहां उसके संपर्क में कौन-कौन रहा।
- मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों, अधिकारियों और सेवादारों की भूमिका क्या थी।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि FIR दर्ज होने के बाद चावला के विदेश जाने से जुड़े हालात की भी जांच की जाए और यदि किसी व्यक्ति की कानून के विरुद्ध भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सी.जी.पी.सी. और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े सवाल
पार्टी की ओर से कहा गया कि मामले से जुड़े आरोपों और सामने आए सवालों के कारण SGPC तथा श्री अकाल तख्त साहिब जैसी सिख संस्थाओं की साख और प्रबंधन को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। इसलिए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
फिलहाल, SIT गठित करने के संबंध में मुख्यमंत्री की ओर से कोई अंतिम फैसला या जांच के नतीजे की जानकारी इन रिपोर्टों में सामने नहीं आई है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत की जांच या आधिकारिक जांच के परिणाम के बाद ही होगी।






