चंडीगढ़, 25 सितंबर,2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों से राहत देने के लिए राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा सचिव सोनाली गिरी ने कहा कि शिक्षकों को बार-बार स्कूलों से बाहर ड्यूटी पर लगाने से पढ़ाई, शैक्षणिक निरंतरता और विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम प्रभावित हो रहे हैं।
नए निर्देशों के अनुसार, शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी, जनगणना और आपदा प्रबंधन के अलावा किसी अन्य गैर-शैक्षणिक या प्रशासनिक कार्य के लिए तैनात नहीं किया जाए। डिप्टी कमिश्नरों को सर्वेक्षण, सत्यापन या अन्य गैर-जरूरी कार्यों के लिए भी शिक्षकों की मांग नहीं करने को कहा गया है।
ये आदेश ऐसे समय में आए हैं जब कई जिलों में शिक्षकों को स्मार्ट राशन कार्डों के सत्यापन जैसी ड्यूटी सौंपे जाने को लेकर विरोध हो रहा था। कुछ शिक्षकों को ड्यूटी नहीं करने पर नोटिस भी जारी किए गए थे।
विभाग ने यह भी कहा है कि विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया 30 सितंबर को पूरी होने के बाद शिक्षकों की तैनाती कम की जाए, ताकि वे दोबारा अपनी मुख्य शिक्षण जिम्मेदारियां निभा सकें।
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 24 सितंबर 2026 को “स्कूल शिक्षकों की गैर-तैनाती” से संबंधित सार्वजनिक नोटिस दर्ज किया गया है।






