श्रीनगर, 25 सितंबर 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): जम्मू-कश्मीर विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायकों ने बैनर लहराते हुए “वोट की रक्षा करो, लोकतंत्र की रक्षा करो” जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट्ट, इरफान हाफिज लोन और इफ्तिखार अहमद ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। कुछ सदस्य सदन के वेल की ओर जाने की कोशिश करते भी नजर आए। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने विधायकों से बैनर हटाने और अपनी सीटों पर वापस जाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय चुनाव आयोग जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
यह विरोध चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर) प्रक्रिया को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान SIR से संबंधित कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन मतभेदों को संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा है कि बहु-सदस्यीय संस्था में अलग-अलग राय और सुझाव आना सामान्य बात है तथा SIR से संबंधित अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
इसी बीच, जम्मू-कश्मीर में सी.ई.सी. के खिलाफ कांग्रेस का विरोध विधानसभा तक ही सीमित नहीं रहा। पार्टी ने देश के विभिन्न हिस्सों में चुनाव आयोग के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान भी किया है।






