फिरोजपुर, 25 सितंबर, 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो) : भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़ के महाप्रबंधक पंकज सेतिया ने मखू में मखू एग्रो किसान उत्पादक कंपनी का दौरा कर फिरोजपुर के सब्जी-मसाला क्लस्टर से जुड़ी चार नाबार्ड समर्थित किसान उत्पादक संगठनों की प्रगति की समीक्षा की। कार्यक्रम में मखू, जीरा, ममदोट और छांगा राय की किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि, बैंक अधिकारी तथा नाबार्ड के अधिकारी शामिल हुए।
चारों किसान उत्पादक संगठनों से 2,300 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। सामूहिक हिस्सेदारी पूंजी के माध्यम से संयुक्त रूप से कारोबार शुरू करने के बाद ये संगठन अब उत्पाद ब्रांडिंग, खाद्य प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इनका संयुक्त वार्षिक कारोबार 2023-24 में लगभग 30 लाख रुपये से बढ़कर 2025-26 में 3.50 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि कुल संचयी कारोबार लगभग 7.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
किसान उत्पादक संगठनों के अनुसार, संचयी कारोबार में ममदोट संगठन का 2.26 करोड़ रुपये, छांगा राय का 2.17 करोड़ रुपये, मखू एग्रो का 1.73 करोड़ रुपये और जीरा संगठन का 1.59 करोड़ रुपये का योगदान है।
ये संगठन मुख्य रूप से मिर्च, सब्जियों, तिलहन और दालों से जुड़े कारोबार कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘खुशी’ और ‘निशा’ नाम के उत्पाद ब्रांड भी लॉन्च किए गए। इसके अलावा सोना मोती गेहूं और 1121 बासमती चावल सहित जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
किसान उत्पादक संगठनों की ओर से बैंक ऋण के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए खरीदी गई मशीनरी और ट्रैक्टर भी उपलब्ध कराए गए। यह मशीनरी सदस्य किसानों को किराये पर साझा उपयोग की सुविधा के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक पंकज सेतिया ने किसान उत्पादक संगठनों से केवल कच्ची कृषि उपज बेचने के बजाय उपज एकत्रीकरण, मूल्यवर्धन, तकनीक अपनाने, कृषि कारोबार में विविधता लाने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बैंकों से भी पात्र किसान उत्पादक संगठनों की ऋण संबंधी प्रस्तावों को सक्रिय रूप से समर्थन देने की अपील की।
व्यापक स्तर पर केंद्र सरकार की 10,000 किसान उत्पादक संगठन बनाने और उन्हें बढ़ावा देने की योजना के तहत अगस्त 2026 तक 10,000 संगठन स्थापित किए जा चुके थे। 31 जुलाई 2026 तक इनका दर्ज कुल संचयी कारोबार 20,358 करोड़ रुपये था। योजना के तहत प्रत्येक पात्र संगठन को तीन वर्षों के लिए 18 लाख रुपये तक प्रबंधन लागत सहायता, 15 लाख रुपये तक मैचिंग इक्विटी ग्रांट तथा परियोजना ऋण के लिए 2 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट गारंटी सुविधा का प्रावधान है।
नाबार्ड के 31 मई 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में नाबार्ड द्वारा समर्थित 114 किसान उत्पादक संगठन और 23,356 शेयरधारक सदस्य थे। किसान उत्पादक संगठनों का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों को एकजुट कर कृषि सामग्री की सामूहिक खरीद, उपज एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, उत्पाद ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने के माध्यम से उनकी सामूहिक सौदेबाजी की शक्ति तथा कारोबारी क्षमता को बढ़ाना है।






