हरियाणा, 26 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि बागवानी किसानों के हित में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उनकी उपज की गुणवत्ता सुधारने और आम जनता की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
श्री राणा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की थी कि प्रदेश के बागवानी किसानों को फल और सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के विश्लेषण की मुफ्त जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब इसी घोषणा की अनुपालना में यह कदम उठाया गया है।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा बागवानी विभाग हरियाणा की गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं सिरसा और घरौंडा (करनाल) में उपलब्ध कराई जा रही है। NABL से मान्यता प्राप्त इन प्रयोगशालाओं में किसान अपनी बागवानी उपज, मिट्टी और पानी के नमूनों की मुफ्त जांच करवा सकते हैं।
इन प्रयोगशालाओं में कुल 10 प्रमुख कीटनाशकों — Metribuzin, Metalaxyl, Chlorpyrifos, Dicofol, Pendimethalin, Penconazole, Profenofos, Lambda-Cyhalothrin, Permethrin और Deltamethrin — के अवशेषों का अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से सटीक विश्लेषण किया जाता है।
श्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश के किसानों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि जांच के लिए आवेदन करने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पंजीकरण का विवरण, पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी, तथा अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी प्रयोगशाला में जमा करवानी होगी।
नमूने लेने और दस्तावेजों की प्रक्रिया के लिए किसान अपने संबंधित जिला बागवानी अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बागवानी किसान अपनी उपज में कीटनाशकों के उचित उपयोग को समझ सकें और उत्पाद की गुणवत्ता के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा में भी सुधार ला सकें।






