हरियाणा, 26 सितंबर,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा पिछले दिनों आम लोगों की शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए दी गई सख्त चेतावनी का असर दिखाई देने लगा है। विभागों द्वारा सीएम विंडो पर आई 2.83 लाख शिकायतों में से 2.34 लाख शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। इसी तरह सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को मिली 1,05,761 शिकायतों में से 83,550 शिकायतों का भी समाधान किया गया है। शिकायतों के त्वरित निपटारे पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने खुशी जताते हुए अधिकारियों को बाकी मामलों का भी जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को सीएम विंडो, जन-संवाद, एसएमजीटी (सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर) और समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों के निपटारे की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान करवाने के लिए सीएम विंडो, जन-संवाद, एसएमजीटी (सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर) और समाधान शिविर चलाए जा रहे हैं। सभी शिकायतें और समस्याएं संबंधित विभागों को भेजी जाती हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि आम लोगों को राहत देने के लिए इनका समयबद्ध समाधान किया जाए। इसी उद्देश्य से समय-समय पर इन शिकायतों के निपटारे के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की जाती है।
सीएम विंडो पर प्राप्त समस्याओं के बारे में संबंधित नोडल अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान सीएम विंडो पर 2.83 लाख शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 2.34 लाख शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। जिलों में यमुनानगर, नूंह और हांसी ने अच्छा कार्य किया है। इसी तरह विभागों में श्रम विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और रोजगार विभाग ने 80 प्रतिशत से अधिक स्कोर हासिल किया है।
इस पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों का स्कोर 70 से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने बाकी मामलों के जल्द निपटारे के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सीएम विंडो पर झूठी शिकायतें करके इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नोडल अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर पर ट्विटर आदि के माध्यम से आम लोगों द्वारा की गई 1,05,761 शिकायतों में से 83,550 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है, जबकि 33,783 शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्राप्त सभी शिकायतों का जल्द समाधान करके लंबित मामलों को समाप्त किया जाए।
जन-संवाद के तहत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े स्तर पर सामने आ रही एक जैसी समस्याओं के लिए सरकार द्वारा नीति बनाई जाएगी, ताकि लोगों को व्यापक राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी में संशोधन से संबंधित काफी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनके समाधान के लिए सभी जिलों में अतिरिक्त उपायुक्तों (एडीसी) को आय को छोड़कर व्यापक अधिकार दिए गए हैं।
परिवारों की आय के सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं की बैठकों के दौरान ग्रामीणों के सामने पंचायतों के माध्यम से करवाया जाए, ताकि कोई व्यक्ति गलत लाभ न ले सके और पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र परिवारों को मकान और फ्लैट देने के मामलों में भी उनकी आय और अन्य पात्रताओं का सत्यापन ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाया जाए, क्योंकि पंचायत को प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी होती है। इससे पात्र लोगों को मकान मिल सकेंगे।
उन्होंने कहा कि जिन जिलों में निचले स्तर के कर्मचारियों ने गलत सत्यापन करके अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है, उनकी रिपोर्ट सभी उपायुक्त मुख्य सचिव को भेजें, ताकि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम लोगों से प्राप्त होने वाली शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए सभी उपायुक्त नियमित रूप से फॉलो-अप लें और मुख्यालय को एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) भेजें। यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्या का समाधान नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जन-संवाद के माध्यम से प्राप्त जिन शिकायतों पर एक वर्ष से कार्रवाई नहीं हुई है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों वाले विभाग कल और परसों छुट्टी के दिनों में कार्यालय लगाकर इनका निपटारा करें और सोमवार को इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव को जमा करवाएं।
उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में हुई बैठकों में निर्देश देने और आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने के बावजूद यदि समस्याओं के समाधान में देरी हुई है तो संबंधित अधिकारी इसका स्पष्टीकरण भी दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-संवाद के माध्यम से आने वाली समस्याओं की प्राथमिकता तय की जाए और सामूहिक कार्यों को पहले करवाया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में पेयजल, बिजली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाया जाए।
उन्होंने सभी उपायुक्तों और विभागाध्यक्षों को हर सप्ताह जन-शिकायतों के निपटारे के कार्य की समीक्षा करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।






