Monday, September 28, 2026
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कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर द्वारा गांव संघरेड़ी में ब्लॉक स्तरीय किसान जागरूकता कैंप आयोजित

भवानीगढ़, 28 सितंबर, 2026 (हर्षप्रीत कौर): धान की पराली न जलाने के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर द्वारा ब्लॉक भवानीगढ़ के गांव संघरेड़ी में ग्राम पंचायत के सहयोग से ब्लॉक स्तरीय किसान जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। इस कैंप में 100 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कैंप के दौरान केवीके संगरूर के प्रभारी डॉ. मनदीप सिंह ने किसानों को धान की पराली जलाने से पर्यावरण, मिट्टी की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जागरूक किया। उन्होंने बताया कि एक टन धान की पराली जलाने से 5.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 2.3 किलोग्राम फास्फोरस, 25 किलोग्राम पोटाश और 1.2 किलोग्राम सल्फर जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। पराली को खेत में ही मिलाने से मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक खादों पर होने वाला खर्च कम होता है।

इसके अलावा डॉ. मनदीप सिंह ने गेहूं की अधिक उपज देने वाली नई किस्म पीबीडब्ल्यू 887 के बारे में जानकारी दी। इस किस्म का पकने का समय 155 दिन और औसत उपज 24.60 क्विंटल प्रति एकड़ है। उन्होंने पीबीडब्ल्यू 872 और पीबीडब्ल्यू 826 के बारे में भी जानकारी साझा की। विशेष गुणवत्ता वाली किस्मों जैसे पीबीडब्ल्यू जिंक 2, पीबीडब्ल्यू 1 चपाती, पीबीडब्ल्यू आरएस 1 और पीबीडब्ल्यू 1 बिस्कुट के बारे में बताते हुए उन्होंने किसानों को रबी मौसम में दलहन और तिलहन फसलों की बुवाई तथा खादों के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया।

कैंप के दौरान डॉ. सुनील कुमार (सहायक प्रोफेसर, फार्म मशीनरी) ने पराली के खेत में ही प्रबंधन के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित आधुनिक मशीनरी जैसे स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर, सरफेस सीडर, हैप्पी सीडर, मल्चर, पलटाऊ हल और बेलर के माध्यम से पराली की गांठें बनाने की तकनीकों की जानकारी दी।

डॉ. रुकिंदरप्रीत सिंह (सहायक प्रोफेसर, फसल विज्ञान) ने पराली वाले खेतों में गेहूं की बुवाई के बाद गुल्ली-डंडा खरपतवार की रोकथाम के लिए बुवाई से पहले/अंकुरण से पूर्व इस्तेमाल किए जाने वाले खरपतवारनाशकों तथा तने की गुलाबी सुंडी की रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

कैंप के अंत में किसानों के सवालों के जवाब दिए गए तथा उन्हें सर्दियों की सब्जियों के बीजों की किट और कृषि साहित्य भी वितरित किया गया।

इस अवसर पर गांव के सरपंच निर्भय सिंह, पंचायत सदस्य अमनदीप सिंह, नंबरदार करनैल सिंह, प्रगतिशील किसान काका सिंह, मास्टर अमेरिका सिंह और श्री वरिंदरदीप सिंह (डाटा कलेक्टर) सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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