कुरुक्षेत्र, 01 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): पर्यावरण संरक्षण और पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नोडल अधिकारी शशि लाल शर्मा ने क्षेत्र के गांव रतनडेरा, सिरसला, कसेरला और कनीपला का विस्तृत क्षेत्रीय दौरा (फील्ड विजिट) किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य किसानों को धान के अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक करना और खेतों में पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
नोडल अधिकारी शशि लाल शर्मा ने निरीक्षण के दौरान बेलर मालिकों को सख्त एवं स्पष्ट निर्देश दिए कि वे गांव स्तर पर गठित समितियों और कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ तालमेल बनाकर काम करें। इससे किसानों को समय पर बेलर मशीन उपलब्ध हो सकेंगी और पराली के गांठे बनाने का कार्य सुचारू रूप से पूरा होगा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन गांवों में आलू की बिजाई का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नोडल अधिकारी ने आलू उत्पादक एवं अन्य किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे खेतों में अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि इन-सिटू या एक्स-सीटू प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसान पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति पहले से ही काफी जागरूक है। किसानों को निरंतर प्रेरित करने के लिए गांवों में मुनादी अभियान भी शुरू कर दी गई है ताकि हर किसान तक पर्यावरण सुरक्षा का संदेश पहुंच सके। कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे पराली न जलाकर पर्यावरण और मिट्टी के स्वास्थ्य को बचाने में प्रशासन का सहयोग करे।






