Sunday, October 11, 2026
HomeHaryanaवैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं तो ईंधन नहीं: एन.सी.आर. जिलों के पेट्रोल...

वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं तो ईंधन नहीं: एन.सी.आर. जिलों के पेट्रोल पंपों पर सख्ती के निर्देश

हरियाणा, 4 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर.) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए जा रहे सख्त उपायों के मद्देनजर हरियाणा परिवहन विभाग ने राज्य के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े जिलों में स्थित सभी पेट्रोल पंप संचालकों और ईंधन बिक्री केंद्रों को निर्देश दिया है कि वाहन में ईंधन भरने से पहले उसके वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र  की अनिवार्य रूप से जांच की जाए।

ये निर्देश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश संख्या 101 के तहत जारी किए गए हैं। इसके अनुसार “प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं, तो ईंधन नहीं” व्यवस्था 1 अक्टूबर, 2026 से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू हो गई है।

हरियाणा सरकार द्वारा वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे व्यापक उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों के पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लगाने और उसे लागू करने का काम भी किया जा रहा है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता दी गई है।

निर्देशों के तहत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी बिक्री केंद्रों पर ऐसे वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं है। पेट्रोल पंपों पर लगाई जा रही ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन प्रणाली के माध्यम से वाहन के पंजीकरण नंबर का ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र संबंधी रिकॉर्ड से मिलान कर प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जाएगी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी जिलों में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम की स्थापना और संचालन पूरी तरह शुरू होने तक पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि उनके कर्मचारी प्रत्येक वाहन में ईंधन भरने से पहले उसके प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता की मैन्युअल रूप से जांच करें। यदि वाहन मालिक या चालक वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है, तो तुरंत ईंधन देने से इनकार किया जाए और आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज किया जाए।

परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं है, उनके मालिकों या चालकों को निकटतम अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर जाकर आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया जाए।

इसके अलावा, सभी पेट्रोल पंपों के प्रवेश द्वारों और ईंधन भरने वाले स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी में स्पष्ट तथा प्रमुख रूप से दिखाई देने वाले चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा:

“वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं—ईंधन नहीं। ई-चालान और दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र सुनिश्चित करें।”

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने या संचालित करने पर लागू मोटर वाहन नियमों के तहत 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

परिवहन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और पेट्रोल पंप संचालकों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश संख्या 101 का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments