संगरूर, 5 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ मुहिम के तहत संगरूर पुलिस ने नशे से जुड़ी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जिला स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (सी.ए.एस.ओ.) चलाया। इस दौरान ड्रग हॉटस्पॉट्स के अलावा अन्य संदिग्ध और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस टीमों ने जांच और तलाशी अभियान चलाया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पुलिस प्रमुख डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पुलिस बल द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और संवेदनशील स्थानों की तलाशी ली गई। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे से संबंधित गतिविधियों की पहचान करना और उन्हें रोकना है, ताकि नशीले पदार्थों के कारोबार के लिए कोई गुंजाइश न रहे।

जिला पुलिस प्रमुख ने कहा कि नशे की रोकथाम और लोगों की सुरक्षा संगरूर पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और इस तरह के तलाशी अभियानों के माध्यम से नशे से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। नशे के खात्मे के लिए पुलिस की सतर्कता और कानून के अनुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
रवजोत ग्रेवाल ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास नशे की बिक्री या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी मिलती है तो वह संबंधित पुलिस थाने को सूचित करे। लोगों द्वारा समय पर दी गई जानकारी नशे के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जिला पुलिस प्रमुख ने कहा कि नशामुक्त, सुरक्षित और शांतिपूर्ण पंजाब के निर्माण के लिए पुलिस और समाज के सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने दोहराया कि संगरूर पुलिस इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





