नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश के शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर अंकुश लगाने, आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सहायता करने और देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस बलों की भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों का साहस, समर्पण और सेवा भावना देश की स्मृतियों में सदैव जीवित रहेगी।
पुलिस स्मृति दिवस देशभर में उन पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा, कानून के शासन और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इस दिन पुलिस बलों के समर्पण को सम्मान देने के साथ-साथ समाज में सुरक्षा, जिम्मेदारी और सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पुलिस बलों के योगदान को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिसकर्मियों के कार्यों को देश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उनके योगदान की प्रशंसा की। पुलिस बल न केवल अपराधों की जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व निभाते हैं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं, आपातकालीन परिस्थितियों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
प्रधानमंत्री ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया। पुलिस स्मृति दिवस पर देशभर में शहीद कर्मियों को याद किया जाता है और उनके परिवारों के प्रति सम्मान तथा संवेदना व्यक्त की जाती है।
अमित शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से रवाना की बाइक रैली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई’ यानी Fight Against Drugs थीम पर आयोजित इस रैली का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।
इस रैली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों , केंद्रीय पुलिस संगठनों के कर्मियों तथा नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए लगभग 90 बाइक सवारों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। रैली विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी।
यात्रा का समापन 31 अक्टूबर को एकता नगर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों के दौरान प्रस्तावित है। इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया जाता है। रैली के माध्यम से पुलिस बलों की सेवा, राष्ट्रीय एकता और नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों का संदेश दिया जाएगा।
रैली को रवाना करने से पहले अमित शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और देश की सुरक्षा के लिए कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों तथा सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी।
क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
भारत में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन का ऐतिहासिक संबंध 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारत-चीन सीमा की निगरानी कर रहे पुलिसकर्मियों के एक दल पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। इस घटना में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उनके साहस और बलिदान की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
उस समय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों सहित पुलिसकर्मी दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सीमा क्षेत्र की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। हॉट स्प्रिंग्स की घटना भारतीय पुलिस बलों के इतिहास में साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में शहीद पुलिसकर्मियों के नामों का स्मरण किया जाता है और देश की सुरक्षा में उनके योगदान को सम्मान दिया जाता है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का महत्व
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देशभर के पुलिसकर्मियों की बहादुरी, सेवा और बलिदान का प्रतीक है। यह स्मारक उन कर्मियों को समर्पित है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाई। यहां आयोजित स्मृति समारोह पुलिस बलों के त्याग को याद करने और आने वाली पीढ़ियों को उनकी सेवा भावना से परिचित कराने का अवसर प्रदान करते हैं।
पुलिस स्मृति दिवस का संदेश केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है। यह पुलिसकर्मियों की चुनौतियों, उनकी जिम्मेदारियों और नागरिकों की सुरक्षा में उनकी निरंतर भूमिका को समझने का भी अवसर है। देश की शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बलों का योगदान महत्वपूर्ण है।






