Wednesday, November 4, 2026
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‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना से जल संरक्षण और फसल विविधीकरण को मिल रहा बढ़ावा: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

दालों, तिलहनों और कपास की खेती करने वाले किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा

हरियाणा, 23 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य में भूजल स्तर में गिरावट को रोकने, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने और जलवायु के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए फसल विविधीकरण और जल संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण रणनीतियां हैं।

उन्होंने कहा कि लगातार धान और गन्ने जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों की खेती करने के बजाय कम पानी की जरूरत वाली फसलों की ओर बढ़ना, जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। पानी जैसे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन के अत्यधिक उपयोग को रोकने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत धान की जगह वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

कृषि मंत्री ने बताया कि योजना की शुरुआत में धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें उगाने वाले किसानों को 7,000 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जाती थी। वहीं, वर्तमान में यदि कोई किसान पिछले चार वर्षों से धान की खेती कर रहा था और अब धान छोड़कर दूसरी फसलें उगाता है, तो उसे 8,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

इन वैकल्पिक फसलों में अनाज एवं मक्का, खरीफ की दलहन फसलें जैसे मूंग, अरहर/तूर, उड़द और मोठ; खरीफ की तिलहन फसलें जैसे मूंगफली, तिल और अरंडी; रेशेदार फसल कपास; खरीफ की सब्जियां जैसे प्याज; बागवानी फसलें, चारा फसलें तथा कृषि वानिकी के अंतर्गत यूकेलिप्टस और सफेदा शामिल हैं। इसके अलावा, किसान अपनी जमीन को खाली यानी परती छोड़ने पर भी योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो किसान पिछले वर्ष इस योजना के तहत पात्र थे, वे भी इस वर्ष लाभ प्राप्त करने के हकदार हैं।

श्री श्याम सिंह राणा ने खरीफ सीजन-2026 के लिए घोषणा करते हुए कहा कि सरकार की ओर से पात्र किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ दालों, तिलहनों और कपास की खेती करने वाले किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रोत्साहन राशि और बोनस का भुगतान पारदर्शी प्रक्रिया के तहत एक ही किस्त में सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने प्रदेश के किसानों से अपील की कि वे जल संरक्षण के इस अभियान में भाग लें और फसल विविधीकरण अपनाकर अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए जल एवं भूमि संसाधनों को सुरक्षित रखने में योगदान दें।

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