स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने ‘पी.एम.-सेतु योजना’ को दी मंजूरी, कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए 320.44 करोड़ रुपये स्वीकृत
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा में कौशल विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में पहली बार शुरू की जा रही ‘पीएम-सेतु’ (अपग्रेडेड आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना के क्रियान्वयन और इसके बजट प्रावधानों को मंजूरी दे दी गई।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की अपग्रेडेड औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना और उन्हें उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप बेहतर वेतन पैकेज दिलाना है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने लगभग 320.44 करोड़ रुपये की लागत वाले कुरुक्षेत्र क्लस्टर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी।
राष्ट्रीय स्तर पर 60,000 करोड़ रुपये का व्यापक लक्ष्य
केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ‘पीएम-सेतु’ योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी, जबकि बजट 2025-26 में इसका और विस्तार किया गया। योजना का कुल राष्ट्रीय बजट 60,000 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार 30,000 करोड़ रुपये, राज्य सरकारें 20,000 करोड़ रुपये और उद्योग जगत 10,000 करोड़ रुपये का योगदान देगा।
इसके अतिरिक्त, एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक द्वारा परिणाम-आधारित ऋण के माध्यम से केंद्र सरकार के हिस्से के 50 प्रतिशत तक सह-वित्तपोषण की सहायता भी दी जाएगी।
इस योजना के तहत देशभर में 1,000 सरकारी आईटीआई और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTIs) को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
हब-एंड-स्पोक मॉडल से बदलेगी आईटीआई की तस्वीर
योजना के तहत आईटीआई को ‘हब-एंड-स्पोक’ क्लस्टर मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके पहले घटक को हरियाणा का कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग लागू करेगा, जबकि दूसरे घटक का संचालन सीधे केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।
प्रत्येक हब आईटीआई से लगभग चार स्पोक आईटीआई जोड़ी जाएंगी। इन संस्थानों में आधुनिक बुनियादी ढांचे, मशीनरी और डिजिटल लर्निंग की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण के लिए एक विशेष प्रयोजन इकाई (SPV), यानी कंपनी अधिनियम की धारा-8 के तहत कंपनी गठित की जाएगी। इसमें प्रमुख उद्योग भागीदार (AIP) की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र और राज्य सरकार के बीच बराबर-बराबर, यानी 24.5-24.5 प्रतिशत, विभाजित होगी।
एसपीवी के बोर्ड में उद्योग, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और आईटीआई नेतृत्व के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता उद्योग जगत का प्रतिनिधि करेगा।
हरियाणा में 12 क्लस्टरों पर खर्च होंगे 2,892 करोड़ रुपये
हरियाणा में इस योजना के तहत लगभग 60 सरकारी आईटीआई को शामिल करते हुए 12 क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इस पर कुल अनुमानित खर्च 2,892 करोड़ रुपये होगा, जिसमें राज्य सरकार का हिस्सा लगभग 954 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
फिलहाल राज्य में सात क्लस्टरों की पहचान की जा चुकी है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर की रणनीतिक निवेश योजना (SIP) को राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) से मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कलायत क्लस्टर की योजना जनवरी 2027 के बाद तैयार की जाएगी।
इसके अलावा पलवल, सोनीपत और छारा क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव अनुरोध (RFP) जारी कर दिए गए हैं। पानीपत और रेवाड़ी के लिए दिसंबर में RFP जारी किए जाएंगे। बाकी क्लस्टरों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद उनके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए 320.44 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
बैठक में कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के वित्तीय आवंटन को विस्तार से मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर कुल 320.44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र सरकार 160.22 करोड़ रुपये (50 प्रतिशत), राज्य सरकार 105.75 करोड़ रुपये (33 प्रतिशत) और एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (AIP) 54.47 करोड़ रुपये (17 प्रतिशत) का योगदान देगा।

कुरुक्षेत्र क्लस्टर के क्रियान्वयन का ठेका मैसर्स जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड को दिया गया है।
इस क्लस्टर में एक हब आईटीआई और छह स्पोक आईटीआई शामिल हैं।
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हब आईटीआई: राजकीय आईटीआई, कुरुक्षेत्र।
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स्पोक आईटीआई: महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, आईटीआई कैथल, आईटीआई पिहोवा, आईटीआई पबनावा, महिला आईटीआई अंबाला शहर और महिला आईटीआई कैथल।
वित्तीय विवरण के अनुसार, कुल लागत में से 163.06 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय (CAPEX) के रूप में बुनियादी ढांचे और प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे। इसमें से 160.22 करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी।
वहीं, 157.38 करोड़ रुपये परिचालन व्यय (OPEX) के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसका खर्च राज्य सरकार 65 प्रतिशत और उद्योग भागीदार 35 प्रतिशत के अनुपात में वहन करेंगे।
बजट आवंटन और आगे की प्रक्रिया
बैठक में समिति ने ‘पीएम-सेतु’ योजना के लिए नया बजट हेड खोलने के साथ-साथ वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए राज्य के हिस्से के 105.75 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी।
इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष 2026-27 में कुरुक्षेत्र क्लस्टर के संचालन के लिए राज्य के हिस्से की 10 प्रतिशत अग्रिम राशि, यानी 10.50 करोड़ रुपये जारी करने की अनुमति भी प्रदान की गई।
हरियाणा सरकार के इस फैसले से राज्य की आईटीआई में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा और देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों में रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर बैठक में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, वित्त विभाग के आयुक्त सी. जी. रजनीकांतन, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






