कुरुक्षेत्र, 30 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा की विकास यात्रा, उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और प्रदेश की जनभागीदारी की भावना को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयू) के ऑडिटोरियम में प्रदेश स्तरीय हीरक जयंती कार्यक्रम के लिए 2000 लोगों की सहभागिता का एक खाका तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित व्यवस्था में समाज के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रतिभागियों के समन्वय और व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपने का प्रावधान किया गया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि प्रस्तावित योजना के अनुसार, कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं युवाओं, महिलाओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, किसानों, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, खिलाडिय़ों, पूर्व सैनिकों, उद्यमियों, प्रतिष्ठित नागरिकों, कलाकारों और स्वास्थ्यकर्मियों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश की प्रगति में विभिन्न वर्गों के योगदान और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की भागीदारी को सामने लाना है।
विद्यार्थियों और युवाओं को मिलेगा प्रतिनिधित्व
विद्यार्थियों एवं युवाओं की श्रेणी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), महाविद्यालयों, स्कूलों तथा एनएसएस और एनसीसी से जुड़े 400 प्रतिभागियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इस श्रेणी के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार तथा जिला शिक्षा अधिकारी और उच्चतर शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों, लखपति दीदियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं में से 300 प्रतिभागियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जनप्रतिनिधियों और किसानों की भागीदारी पर जोर
योजना में जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायतों के सरपंचों और शहरी स्थानीय निकायों के पार्षदों सहित 300 निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इस श्रेणी के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा जिला नगर आयुक्त कार्यालय के संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार, प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), डेयरी और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े 200 किसानों को कार्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस श्रेणी में कृषि तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और खिलाडिय़ों को भी किया जाएगा शामिल
प्रस्तावित कार्यक्रम में आवास, स्वास्थ्य, पेंशन और बालिकाओं से संबंधित प्रमुख सरकारी योजनाओं के 200 लाभार्थियों को शामिल करने की योजना है। इसके लिए अतिरिक्त उपायुक्त को संबंधित विभागों के माध्यम से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। खेल क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाले पदक विजेताओं, खेलो इंडिया के खिलाडिय़ों और प्रशिक्षकों में से 100 प्रतिभागियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इस श्रेणी के लिए जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त 100 पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीदों के परिवारों के सदस्यों को आमंत्रित करने का प्रस्ताव है। इस कार्य के लिए जिला सैनिक बोर्ड के सचिव को जिम्मेदारी दी गई है। इससे देश की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर मिलेगा।
उद्योग, सामाजिक संगठनों और प्रतिष्ठित नागरिकों को भी मिलेगा स्थान
कार्यक्रम में उद्योग जगत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप और व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े 100 लोगों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इस श्रेणी के लिए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा प्रतिष्ठित नागरिकों, पुरस्कार विजेताओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों में से 100 लोगों को शामिल करने की योजना है। इस श्रेणी के लिए जिला राजस्व अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश की कला, साहित्य और संस्कृति को प्रतिनिधित्व देने के लिए 50 कलाकारों, लेखकों और सांस्कृतिक हस्तियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, 50 डॉक्टरों, नर्सों और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल करने की योजना है, जिसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।
अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों के लिए भी व्यवस्था
प्रस्तावित सूची में ड्यूटी पर तैनात न होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 50 स्थान निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विशिष्ट अतिथियों और राज्य स्तर से नामित व्यक्तियों के लिए 50 स्थान आरक्षित रखने का प्रस्ताव है। इस प्रकार तैयार किए गए प्रारंभिक खाके में कुल 2000 प्रतिभागियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह व्यवस्था कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में तैयार की गई है।






