नई दिल्ली, 30 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): भूटान में शिंताफू झील के फटने से अचानक आई बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है। पश्चिम बंगाल और असम के कई क्षेत्रों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात की गई हैं।
चक्रवात ‘अर्नब’ कमजोर, कई राज्यों में बारिश का दौर जारी
मौसम की दूसरी चुनौती चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से जुड़ी है। यह तूफान कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील हो गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का दौर जारी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए 14 राज्यों में मौसम की गंभीरता के अनुसार रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कई राज्यों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
ओडिशा के तीन जिलों में बाढ़, 62 हजार लोग प्रभावित
ओडिशा में भारी बारिश के कारण गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। गंजाम जिले में करीब 300 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। वहीं, गंजाम और गजपति के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 62 हजार लोग फंसे होने की सूचना है।
राहत एवं बचाव अभियान के तहत NDRF की टीमों ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से 120 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य जारी हैं।
दिल्ली में चार साल का अक्टूबर तापमान रिकॉर्ड टूटा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गुरुवार देर रात बारिश हुई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह बुधवार की तुलना में 6.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर महीने में पिछले चार वर्षों के दौरान दर्ज किया गया यह सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजधानी में मौसम का मिजाज बदल गया है।
देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़, बारिश और तेज हवाओं के मद्देनजर प्रशासनिक एजेंसियां सतर्क हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।