कुरुक्षेत्र, 31 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): सांसद नवीन जिन्दल ने कहा कि आज का दौर नई तकनीक का है। युवाओं को आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन इसके साथ अपने विवेक और समझ का भी पूरा उपयोग करना होगा। तकनीक हमारी सहायक होनी चाहिए, न कि हमारे सोचने-समझने की क्षमता का विकल्प। युवाओं को अपने समय का सदुपयोग करते हुए हर काम को उत्साह और आनंद के साथ करना चाहिए।
सांसद नवीन जिंदल भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ‘माय भारत:विकसित भारत युवा संवाद’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान सांसद के जीवन, सामाजिक कार्यों और तिरंगे के सम्मान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष पर आधारित फिल्म भी प्रदर्शित की गई। आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान ने पौधा भेंट कर सांसद का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय और युवाओं के लिए सौभाग्य की बात है कि उनके बीच ऐसी शख्सियत पहुंची हैं, जिन्होंने देशवासियों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा पूरे सम्मान और गौरव के साथ फहराने का अधिकार दिलाने के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया।
युवाओं से संवाद करते हुए नवीन जिंदल ने कहा कि कुरुक्षेत्र की जनता के साथ उनका करीब 30 वर्षों का संबंध है और यहां के युवा उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे बिना किसी संकोच के अपने मन की बात, विचार और सुझाव उनके साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि संवाद का उद्देश्य केवल अपनी बात रखना नहीं, बल्कि युवाओं के विचारों को सुनना और उनसे सीखना भी है।
स्वच्छता की शुरुआत हमें स्वयं से करनी होगी
स्वच्छता के विषय पर सांसद ने कहा कि स्वच्छ भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान के माध्यम से देश में एक बड़ी जनजागृति पैदा की है। अब जरूरत है कि इस अभियान को व्यवस्थित और निरंतर जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाए। हमें अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वयं उदाहरण बनना होगा। उन्होंने इंदौर के स्वच्छता मॉडल का अध्ययन करने गई टीम का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें देश के स्वच्छ शहरों से सीख लेकर अपने शहरों और गांवों को भी स्वच्छ बनाना चाहिए। स्वच्छता हमारी आदत और जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए।

सांसद ने बताया कि चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में भी उन्होंने स्वच्छता का विषय प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे लोगों को कूड़े में आग लगाने से रोकें, वाहनों में अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचें और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से इस दिशा में अपने सुझाव भी मांगे और कहा कि अच्छे सुझावों को व्यवहार में लाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
तिरंगे के संघर्ष से युवाओं को कराया परिचित
सांसद नवीन जिन्दल ने युवाओं के साथ तिरंगे के सम्मान और नागरिकों के राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार के लिए किए गए अपने संघर्ष की यादें भी साझा कीं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि जीवन में जिस उद्देश्य को भी चुनें, उसके प्रति पूरी निष्ठा, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि भारत हम सभी नागरिकों से मिलकर बना है। देश को विकसित बनाने की जिम्मेदारी भी हम सबकी सामूहिक है। युवाओं की ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सक्रिय भागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। कार्यक्रम में डॉ. कृष्ण कांत, रजिस्ट्रार, आयुष विश्वविद्यालय; डॉ. आशीष मेहता, प्रिंसिपल, आयुष; डॉ. रणधीर सिंह; सुरमई शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर, माय भारत; भाजपा नेता साहिल सुधा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।






