Wednesday, November 4, 2026
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हरियाणा की पहचान केवल उपलब्धियों से ही नहीं, बल्कि कर्म, कर्तव्यनिष्ठा और समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों की परंपरा से भी है : राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष

कुरुक्षेत्र, 1 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने हरियाणा के गठन के 60 वर्ष पूरे होने पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छह दशकों का यह सफर केवल एक नए राज्य के निर्माण और विकास की कहानी नहीं है, बल्कि संघर्ष, मेहनत, स्वाभिमान, कर्तव्यनिष्ठा और सामूहिक संकल्प की ऐसी गाथा है, जिसने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है। हरियाणा की असली ताकत यहां की मिट्टी से जुड़ी वे जीवन मूल्य हैं, जो किसान की मेहनत, सैनिक के साहस और खिलाड़ी के अनुशासन में दिखाई देते हैं।

राज्यपाल रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित हीरक जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे।

उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की।

कुरुक्षेत्र की धरती का संदेश आज भी प्रासंगिक

प्रो. असीम कुमार घोष ने हरियाणा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी पावन धरती पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। गीता में निहित निष्काम कर्म, कर्तव्य और धर्म का संदेश आज भी मानव जीवन को दिशा देने की क्षमता रखता है।

हरियाणा के सामाजिक चरित्र में भी इसी कर्मप्रधान दर्शन की झलक दिखाई देती है। यहां का किसान बिना थके खेतों में मेहनत करता है, सैनिक निस्वार्थ भाव से देश की सीमाओं की रक्षा करता है और खिलाड़ी अपने अनुशासन एवं समर्पण से देश का गौरव बढ़ाता है। ये सभी हरियाणा की उस जीवंत परंपरा के प्रतीक हैं, जिसमें कर्म को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने कृषि प्रधान राज्य के रूप में भारत की हरित क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज यह राज्य कृषि, उद्योग, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और खेलों के क्षेत्र में अग्रणी है। गुरुग्राम की आसमान छूती इमारतों से लेकर गांवों के अखाड़ों तक, हरियाणा ने यह साबित किया है कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकती हैं।

राज्यपाल ने कहा कि जब भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो हरियाणा को भी निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ते रहना चाहिए। वर्ष 1966 की प्रति व्यक्ति आय की तुलना में वर्ष 2025-26 में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय लगभग 3,95,618 रुपये होने का अनुमान है, जो प्रदेश की शानदार समावेशी प्रगति को दर्शाता है।

विश्वविद्यालयों को ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण का भी केंद्र बनना होगा

राज्यपाल ने युवाओं और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पूरी लगन के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयास करें, नवाचार को अपनाएं और ईमानदारी से समाज की सेवा करें।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जैसी शिक्षण संस्थाओं की विशेष जिम्मेदारी है। उन्हें न केवल कुशल पेशेवर तैयार करने चाहिए, बल्कि हमारी संस्कृति और मूल्यों से जुड़े जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण भी करना चाहिए।

विकसित हरियाणा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है

प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि विकसित हरियाणा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जिस प्रकार मानव शरीर के प्रत्येक अंग का स्वस्थ और मजबूत होना पूरे शरीर के लिए आवश्यक है, उसी प्रकार देश के प्रत्येक राज्य का विकसित होना संपूर्ण भारत की प्रगति के लिए जरूरी है। हरियाणा सहित देश के सभी राज्यों का सर्वांगीण विकास ही विकसित भारत की नींव बनेगा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक, भौतिक, सैन्य या सामाजिक रूप से शक्तिशाली राष्ट्र बनना नहीं है। विकसित भारत वह होगा, जहां विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ऐसा भारत, जो समाज के सबसे पिछड़े और वंचित व्यक्ति की उम्मीदों, आकांक्षाओं, कठिनाइयों और दुखों को समझे तथा उसे सम्मानजनक जीवन जीने के समान अवसर प्रदान करे।

उन्होंने बेटियों को सशक्त बनाने, पर्यावरण की रक्षा करने तथा अपनी भाषा, विरासत और परंपराओं को संजोकर रखने का संकल्प लेने की भी अपील की।

राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक जीवंत और सभी को साथ लेकर चलने वाला हरियाणा बनाने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराएं तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दें।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, सांसद श्री नवीन जिंदल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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