कुरुक्षेत्र, 1 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा ने अपने गठन के 60 वर्षों में विकास का लंबा सफर तय किया है। वर्तमान राज्य सरकार ने हरियाणा को देश का पहला विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इसी उद्देश्य के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित हीरक जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री ने गीता की पावन धरती पर राष्ट्रपति का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के जीवन सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक छोटे से गांव उपरबेड़ा से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा भारतीय लोकतंत्र की ताकत और संविधान की गरिमा का प्रतीक है। उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा देश की हर बेटी, गरीब परिवार और आदिवासी समाज के लिए आशा, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा है।

गीता की धरती कुरुक्षेत्र से मिलता है कर्तव्य और जनकल्याण का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। इसी पावन धरती पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के माध्यम से कर्तव्य, साहस और जनकल्याण का संदेश दिया था।
उन्होंने वर्ष 2022 में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर राष्ट्रपति की कुरुक्षेत्र यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय राष्ट्रपति ने गीता को मानवता के लिए आध्यात्मिक प्रकाश और जीवन को दिशा देने वाला महान ग्रंथ बताया था। आज उनकी दोबारा उपस्थिति इस पावन धरती के लिए विशेष गौरव का अवसर है।
किसानों, जवानों, खिलाड़ियों और मातृशक्ति की मेहनत से बनी हरियाणा की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा का गठन हुआ था। उस समय प्रदेश को पिछड़े क्षेत्र के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज हरियाणा देश के अग्रणी और तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों, मजदूरों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, खिलाड़ियों और माताओं-बहनों की अथक मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान मेहनती किसानों, बहादुर जवानों, धाकड़ खिलाड़ियों और सशक्त नारी से है। प्रदेश की बेटियां आज खेतों से लेकर खेल के मैदानों तक और सेना से लेकर स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं तथा प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के किसानों ने देश के अन्न भंडार भरने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वहीं पशुपालकों ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में शानदार योगदान देकर ‘देशों में देश हरियाणा, जहां दूध-दही का खाना’ की कहावत को सार्थक किया है। प्रदेश के जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हमेशा अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी हरियाणा ने अपनी विशेष पहचान बनाई है। राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 11 पदक और एशियाई खेलों में 32 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। जब भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा ऊंचा लहराता है, उसमें हरियाणा की मिट्टी की मेहनत और प्रतिभा की खुशबू होती है।
क्षेत्रफल में छोटा, लेकिन आर्थिक योगदान और औद्योगिक क्षमता में बड़ा है हरियाणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा क्षेत्रफल के लिहाज से देश का छोटा राज्य है, लेकिन आर्थिक क्षमता और उपलब्धियों के मामले में इसकी पहचान बहुत बड़ी है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में हरियाणा की हिस्सेदारी केवल 1.34 प्रतिशत है, जबकि देश की जीडीपी में प्रदेश का योगदान लगभग 3.6 प्रतिशत है। बड़े राज्यों में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा कि देश में बनने वाली हर तीन में से दो यात्री कारों का उत्पादन हरियाणा में होता है। देश का हर दूसरा ट्रैक्टर और हर 10 में से छह मोटरसाइकिलें भी हरियाणा में बनाई जाती हैं। इसी प्रकार भारत के बासमती चावल के निर्यात में हरियाणा का योगदान 60 प्रतिशत से अधिक है। ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि औद्योगिक उत्पादन से लेकर कृषि निर्यात तक हरियाणा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
नवाचार और जनकल्याण की पहलों में हरियाणा ने स्थापित किए नए कीर्तिमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार और जनकल्याणकारी पहलों को लागू करने में भी हरियाणा ने देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है।
गांवों को लाल डोरा मुक्त करने और पढ़ी-लिखी पंचायतों के गठन की पहल भी सबसे पहले हरियाणा ने की। इसके अलावा, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन जींद-सोनीपत के बीच हरियाणा में हुआ है। वहीं रोहतक और कुरुक्षेत्र में देश के पहले एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण करके प्रदेश ने आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास में भी नई मिसाल कायम की है।
विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में हरियाणा निभाएगा अग्रणी भूमिका
मुख्यमंत्री ने आधुनिक हरियाणा के निर्माण में योगदान देने वाली सभी महान हस्तियों और प्रदेशवासियों की मेहनत को नमन करते हुए कहा कि पिछले 60 वर्षों में हरियाणा ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। अब समय है कि इस प्रगति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में हरियाणा अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगा और देश का पहला विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की विकास यात्रा केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है। प्रदेश विकास के साथ इंसानियत, तरक्की के साथ भाईचारा और आधुनिकता के साथ अपने संस्कारों एवं परंपराओं को भी संजोकर रखेगा। यही हरियाणा की असली पहचान है और यही आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे बड़ी विरासत है।
छह दशकों में हरियाणा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और संकल्प के बल पर देश में बनाई विशेष पहचान : अनुराग रस्तोगी

हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि 1 नवंबर, 1966 को अस्तित्व में आया हरियाणा आज अपने गठन के 60 वर्ष पूरे करके हीरक जयंती मना रहा है। यह अवसर प्रदेश की छह दशकों की विकास यात्रा, मेहनत, संकल्प और सामूहिक उपलब्धियों को याद करने का है।
उन्होंने हरियाणा सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से राष्ट्रपति महोदया का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि इस गौरवशाली समारोह में उनकी उपस्थिति सभी के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि गठन के समय हरियाणा के पास सीमित संसाधन थे और बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, लेकिन प्रदेश ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से कृषि, उद्योग, शिक्षा, खेल और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज हरियाणा देश के अन्न भंडार में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों, जवानों, मजदूरों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों, उद्यमियों और हर हरियाणवी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, सांसद श्री नवीन जिंदल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






