फतेहगढ़ साहिब, 2 नवंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): किसानों को धान की पराली जलाने से बचना चाहिए और इसके उचित प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि मशीनों के इस्तेमाल संबंधी दी जा रही तकनीकी जानकारी को अपनाना चाहिए। इस संबंध में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार की आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन मशीनों की सहायता से पराली का खेतों में ही प्रबंधन (इन-सीटू) किया जा सकता है। इसके अलावा पराली को खेतों से बाहर निकालकर उपयोग में लाने (एक्स-सीटू) के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, मल्चर, रोटरी स्लैशर और बेलर जैसी आधुनिक कृषि मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पराली को खेतों में मिलाने से मिट्टी की सेहत में सुधार होता है और जमीन में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है। इससे लंबे समय में मिट्टी की उर्वरता और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक कृषि मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु किसान संबंधित ब्लॉक के कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए ब्लॉक सरहिंद के कृषि विकास अधिकारी से मोबाइल नंबर 97818-48675, ब्लॉक खेड़ा के कृषि विकास अधिकारी से 94630-41053, ब्लॉक बस्सी पठाना के कृषि विकास अधिकारी से 97804-49024, ब्लॉक खमाणों के कृषि अधिकारी से 95018-00975 तथा ब्लॉक अमलोह के कृषि अधिकारी से 96465-78198 पर संपर्क किया जा सकता है।






