हरियाणा, 02 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों से मैदानी इलाकों की ओर चल रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में पिछले दिनों के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, न्यूनतम तापमान अभी सामान्य के आसपास बना हुआ है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
हिसार में सबसे अधिक अधिकतम तापमान, रोहतक में दिन के पारे में गिरावट
मौसम के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिसार में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि रोहतक में यह 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रोहतक में दिन के तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
प्रदेश के कई हिस्सों में दोपहर के समय तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास बना हुआ है, लेकिन सुबह और शाम के तापमान में आ रही गिरावट से मौसम में बदलाव साफ महसूस होने लगा है। ऐसे में लोगों को दिन और रात के तापमान में अंतर का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के बाद सुबह हल्की धुंध छाने की संभावना
हिसार स्थित कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, हालिया बारिश के कारण खेतों में नमी बनी हुई है। इस नमी के चलते सुबह के शुरुआती घंटों में खुले और कृषि क्षेत्रों में हल्की धुंध देखने को मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि नमी के प्रभाव से सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है, जबकि रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी की संभावना भी है। किसानों और आम लोगों को मौसम में होने वाले इन बदलावों को ध्यान में रखकर अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
सरसों और चने की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां
मौसम में मौजूद नमी को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रबी सीजन की फसलों की बुवाई की तैयारियां शुरू करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध होने पर सरसों और चने की बुवाई की जा सकती है।
सरसों की खेती के लिए आरएच-30 (RH 30) और आरएच-0749 (RH 0749) किस्मों की सिफारिश की गई है। वहीं, चने की फसल के लिए सी-235 (C 235) और एचसी-5 (HC 5) किस्में उपयुक्त बताई गई हैं।
इसके अलावा, किसानों को रबी सीजन की हरे चारे वाली फसलों की बुवाई की तैयारी करने के लिए भी कहा गया है। खेतों में बनी नमी जई और बरसीम की बुवाई के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
खेत की नमी देखकर करें बुवाई
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि किसी भी फसल की बुवाई से पहले खेत में उपलब्ध नमी, मिट्टी की स्थिति और संबंधित फसल के लिए निर्धारित कृषि वैज्ञानिक सिफारिशों का आकलन जरूर करें। अनुकूल मौसम का लाभ उठाने के लिए बुवाई का समय और बीजों की किस्म का सही चयन महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में मौसम अब धीरे-धीरे सर्दी की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में सुबह-शाम ठंडक और कुछ खुले इलाकों में हल्की धुंध की स्थिति बन सकती है। वहीं, खेतों में मौजूद नमी रबी फसलों की बुवाई के लिए किसानों के लिए उपयोगी अवसर प्रदान कर रही है।