हरियाणा, 02 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों , उप-स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष केंद्रों को एक साझा डिजिटल मैप से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद नागरिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान की लोकेशन और उससे संबंधित बुनियादी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
इस परियोजना को जियोग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम तकनीक की मदद से विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, आयुष विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य संस्थानों का भौगोलिक और संस्थागत रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।
इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने रविवार को संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों की GIS मैपिंग से जुड़े आंकड़ों और परियोजना की प्रगति पर चर्चा की गई।
डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से अपने संस्थानों का प्रमाणिक और अद्यतन डाटा साझा प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल मैप में प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान की सटीक भौगोलिक स्थिति, आवश्यक परिचयात्मक विवरण और तस्वीरें शामिल की जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी आसानी से देखी जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों की पहचान में मिलेगी मदद
इस डिजिटल व्यवस्था का महत्व केवल अस्पतालों की लोकेशन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा। GIS आधारित आंकड़ों के विश्लेषण से सरकार को यह समझने में भी सहायता मिल सकती है कि किन क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता कम है और कहां नए स्वास्थ्य केंद्रों, अतिरिक्त बुनियादी ढांचे या स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता है।
एकीकृत डाटा के आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों के भौगोलिक वितरण का आकलन करना और विकास योजनाओं को जरूरत के अनुसार तैयार करना अधिक आसान हो सकेगा।
सरकार की ओर से इस जानकारी को आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, डिजिटल मैप के सार्वजनिक रूप से शुरू होने की तारीख और इसमें मिलने वाली विस्तृत सेवाओं को लेकर अभी कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
इस पहल के सफल क्रियान्वयन से हरियाणा में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी तक नागरिकों की पहुंच बेहतर बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में डाटा आधारित योजना निर्माण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।






