नई दिल्ली, 02 नवंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता इस सीजन में पहली बार ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह 9 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 312 दर्ज किया गया। इससे राजधानी में प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली में मौसम भी धीरे-धीरे बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सफदरजंग मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं पालम में 16.4 डिग्री, लोधी रोड में 16.8 डिग्री, रिज में 17.2 डिग्री और आया नगर में 16.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली के पांच प्रमुख मौसम केंद्रों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। बारिश नहीं होने और मौसम की परिस्थितियों के कारण प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना सीमित बनी हुई है।
AQI 300 के पार होने पर लागू होते हैं GRAP के कड़े नियम
CPCB के मानकों के अनुसार AQI 0 से 50 तक अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में आता है। दिल्ली में AQI 301 से 400 के बीच पहुंचने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू करने का प्रावधान है। इसके तहत धूल नियंत्रण, सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर निगरानी जैसे कदम उठाए जाते हैं। हालांकि, GRAP का दूसरा चरण लागू करने का अंतिम फैसला वायु गुणवत्ता और मौसम के पूर्वानुमान की समीक्षा के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति लेती है। CPCB ने स्पष्ट किया कि सुबह 9 बजे दर्ज किया गया 312 AQI उस समय का आंकड़ा है, पूरे दिन का औसत नहीं। दिन का औसत AQI शाम 4 बजे जारी किया जाना था।






