Wednesday, November 4, 2026
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युवा आधुनिक तकनीक के साथ अपनी विवेकशील सोच का भी करें इस्तेमाल: नवीन जिंदल

आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ‘मेरा भारत विकसित भारत युवा संवाद’ कार्यक्रम में सांसद ने युवाओं से किया सीधा संवाद, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का दिया संदेश

कुरुक्षेत्र, 02 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयुष विश्वविद्यालय में ‘मेरा भारत विकसित भारत युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और युवाओं के साथ संवाद करते हुए उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनने के साथ-साथ अपनी सोच, विवेक और रचनात्मक क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।

सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक का युग है। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीकों का ज्ञान हासिल करने के साथ उनका इस्तेमाल अपनी समझ और विवेक के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी है, इसलिए युवाओं को इसका सदुपयोग करते हुए प्रत्येक कार्य उत्साह, सकारात्मकता और खुशी के साथ करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान नवीन जिंदल के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष पर आधारित एक विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करतार सिंह धीमान ने पौधा भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

युवाओं से बातचीत करते हुए सांसद ने कहा कि कुरुक्षेत्र के लोगों के साथ उनका लगभग 30 वर्षों का पुराना रिश्ता है। यहां के युवा उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बिना किसी संकोच के अपने विचार, सवाल और सुझाव साझा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद का उद्देश्य केवल अपने विचार रखना नहीं, बल्कि युवाओं की बात सुनना, उनके अनुभवों से सीखना और उनके सुझावों को समझना भी है।

पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी पर दिया जोर

नवीन जिंदल ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए युवाओं से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को खुले में कूड़ा जलाने से रोकने, वाहनों के अनावश्यक हॉर्न बजाने की आदत पर अंकुश लगाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक करना जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यावहारिक सुझाव भी मांगे और कहा कि अच्छे सुझावों को केवल चर्चा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें धरातल पर लागू करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. किशन कांत गुप्ता, प्रिंसिपल डॉ. आशीष मेहता, सुरमई शर्मा, भाजपा नेता साहिल सुधा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

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