सुनाम, 3 नवंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): डेयरी विकास विभाग, पंजाब की ओर से कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के मार्गदर्शन और डेयरी विकास विभाग के निदेशक वरियाम सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत जिले के दूध उत्पादकों को डेयरी फार्मिंग की वैज्ञानिक तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए गांव छाजली, ब्लॉक सुनाम में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। डेयरी विकास विभाग के उप निदेशक, संगरूर हरप्रीत सिंह के नेतृत्व में लगाए गए इस शिविर में 70 डेयरी किसानों ने भाग लिया।
इस अवसर पर हरप्रीत सिंह ने दूध उत्पादकों को संबोधित करते हुए डेयरी फार्मिंग को व्यावसायिक आधार पर विकसित करने और फार्म का बेहतर प्रबंधन करने के लिए पशुओं का नियमित रिकॉर्ड रखने के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पशुओं के दूध उत्पादन, आहार, स्वास्थ्य तथा फार्म की आमदनी और खर्च से संबंधित विवरण दर्ज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड के आधार पर दूध उत्पादक अपने फार्म की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन कर सकते हैं और प्रबंधन में आवश्यक सुधार कर सकते हैं।
उन्होंने किसानों से डेयरी व्यवसाय में वैज्ञानिक तकनीकें अपनाने की अपील करते हुए कहा कि पशुओं की उचित देखभाल, आहार का सही प्रबंधन और उत्पादन लागत का नियमित हिसाब-किताब इस व्यवसाय को लाभदायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर के दौरान पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त वेटरनरी इंस्पेक्टर अमरीक सिंह ने दुधारू पशुओं की नस्लों और बीमारियों की रोकथाम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल, साफ-सफाई तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते पशु चिकित्सक से सलाह लेने के महत्व के बारे में बताया।
सेवानिवृत्त एडीओ (फीड एंड फोडर) अजायब सिंह चहल ने दूध उत्पादकों को पूरे वर्ष हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पशुओं की जरूरतों के अनुसार उनके आहार का प्रबंध करने के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि हरे चारे की योजनाबद्ध खेती और संतुलित पशु आहार डेयरी फार्म के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक हैं।
डेयरी विकास इंस्पेक्टर दविंदर सिंह ने विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी साझा की और दूध उत्पादकों को विभागीय सुविधाओं तथा तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के आयोजन में गांव के लोक सेवा क्लब की ओर से विशेष सहयोग दिया गया। इस अवसर पर सरपंच गुरबियास सिंह ने गांव में जागरूकता शिविर आयोजित करने के लिए डेयरी विकास विभाग और विशेषज्ञों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास दूध उत्पादकों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने में सहायक साबित होते हैं।
शिविर में शामिल दूध उत्पादकों को डेयरी फार्मिंग से संबंधित जानकारीपूर्ण साहित्य भी वितरित किया गया और जलपान का प्रबंध किया गया।






