स्मृति ईरानी, डॉ अर्चना गुप्ता व डॉ इंदु बंसल जैन बनी अद्वितीय उदाहरण।
दिल्ली/चंडीगढ़, 3 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा में नारी शक्ति की भूमिका तेजी से बदल रही है। कभी घर की चारदीवारी और चूल्हे-चौके तक सीमित मानी जाने वाली महिलाएं आज खेल, शिक्षा, प्रशासन, सरकारी विभागों और राजनीति सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। महिलाओं ने अपनी मेहनत और जिम्मेदारी के बल पर न केवल अलग पहचान बनाई है, बल्कि प्रदेश का गौरव भी बढ़ाया है।
प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी भी इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण पहलू है। भाजपा सरकार में प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता महिला नेतृत्व का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। महिलाओं की ओर से सरकार और प्रशासन के समक्ष जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने तथा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाने के प्रयास भी चर्चा में हैं। इससे प्रदेश में महिला नेतृत्व की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।
नारी शक्ति की यह भागीदारी अब पत्रकारिता के क्षेत्र में भी दिखाई दे रही है। श्रमजीवी पत्रकार संघ की कमान भी महिला नेतृत्व के हाथों में है। संघ की संस्थापक एवं प्रदेशाध्यक्ष डॉ. इंदु बंसल जैन ने स्वच्छ, स्वस्थ और जिम्मेदार पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। उनका प्रयास पत्रकारों के हितों के साथ-साथ पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा को बनाए रखने पर केंद्रित है।
हरियाणा में अनेक पत्रकार संगठन सक्रिय हैं, लेकिन श्रमजीवी पत्रकार संघ अपनी सदस्यता और संगठनात्मक कार्यप्रणाली को लेकर अलग दृष्टिकोण रखने का दावा करता है। संघ का उद्देश्य केवल सदस्यों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पत्रकारिता के सिद्धांतों की समझ रखने वाले और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाले पत्रकारों को साथ जोड़ना है। संगठन में पत्रकारिता की मर्यादा, अनुभव और कार्यशैली को महत्व देने की बात कही जाती है।
संघ का मानना है कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही निभाना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है। पत्रकारों को निष्पक्षता, सच्चाई और जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। समाज की अपेक्षा है कि पत्रकारिता स्वस्थ और स्वच्छ रहे तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की प्रतिष्ठा बरकरार रहे।
हरियाणा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि नारी शक्ति अब केवल बदलाव की साक्षी नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव की प्रक्रिया का हिस्सा भी बन रही है। राजनीति, प्रशासन और पत्रकारिता में महिलाओं का नेतृत्व सामाजिक बदलाव की इस यात्रा को नई दिशा दे रहा है।






