गुरुग्राम, 4 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत दिसंबर 2027 के अंत तक 400 से अधिक सरकारी स्कूलों को नई इमारतें उपलब्ध करवाई जाएंगी। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलें।
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी बुधवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक के दौरान एक स्कूल की इमारत के नवीनीकरण से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए दी।
बैठक में सुनवाई के लिए कुल 15 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया, जबकि शेष चार मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों में की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना के विधायक श्री तेजपाल तंवर और गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना और उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर बेहतर, सुविधाजनक एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका तुरंत और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गलत प्रॉपर्टी आईडी बनाने पर संबंधित अधिकारियों का वेतन काटने और चार्जशीट करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नगर परिषद पटौदी-जटोली मंडी क्षेत्र से संबंधित एक शिकायत की सुनवाई करते हुए गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाने तथा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी के मामले को गंभीरता से लिया।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर और म्युनिसिपल इंजीनियर ने सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लिए बिना तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर प्रॉपर्टी आईडी बनाई थीं।
ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री ने दोनों अधिकारियों के तीन महीने तक 50 प्रतिशत वेतन में कटौती करने, उन्हें चार्जशीट करने और हरियाणा के एनसीआर जिलों से बाहर तबादला करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों के हितों से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था की होगी जांच, एक महीने में रिपोर्ट सौंपेंगी समितियां
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई एवं रखरखाव से संबंधित शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला लोक संपर्क एवं शिकायत निवारण समिति के माध्यम से प्रत्येक जोन में तीन सदस्यीय समिति गठित करने को कहा। इस समिति में एक सरकारी अधिकारी भी शामिल होगा।
ये समितियां गुरुग्राम नगर निगम के छह और मानेसर नगर निगम के दो जोनों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में सार्वजनिक शौचालयों के बेहतर रखरखाव और नियमित सफाई को सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।
नागरिक से दुर्व्यवहार के मामले में मुख्यमंत्री सख्त, नगर निगम के पटवारी को निलंबित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में एक नागरिक की शिकायत पर सुनवाई करते हुए गुरुग्राम नगर निगम के पटवारी द्वारा कथित दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से लिया।
शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। सरकारी कार्यालयों में अपने काम के लिए आने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार करना या उनकी शिकायतों की अनदेखी करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सड़क नवीनीकरण में लापरवाही पर कार्यकारी अभियंता की एक महीने की तनख्वाह काटने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सड़क के नवीनीकरण कार्य में लापरवाही बरतने और निर्धारित मानकों के अनुसार काम नहीं किए जाने से संबंधित शिकायत पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के संबंधित कार्यकारी अभियंता की एक महीने की तनख्वाह काटने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण और नवीनीकरण से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा, सीपी शिवास कविराज, डीसी उत्तम सिंह, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, मानेसर के निगम आयुक्त प्रदीप सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं सूचना, जनसंपर्क और भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट, सीटीएम ज्योति नागपाल, भाजपा गुरुग्राम महानगर के जिला अध्यक्ष अजीत यादव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।






