चंडीगढ़, 4 जुलाई, 2026: चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित कुमार मेडिकल हाल के कैशियर जानकी दास की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता और खूंखार गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों (गोल्डी राजपुरा) को स्पेन के मैड्रिड में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह बड़ी सफलता भारतीय सुरक्षा एजेंसियों, पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF), एनआईए (NIA) और इंटरपोल के आपसी समन्वय से मिली है। ढिल्लों लंबे समय से विदेश में बैठकर पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अपना जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। भारतीय एजेंसियों ने अब उसे भारत वापस लाने (प्रत्यर्पण) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, भारत पहुंचते ही चंडीगढ़ पुलिस सेक्टर-11 कतल केस के मामले में पूछताछ के लिए गोल्डी ढिल्लों को प्रोडक्शन वारंट पर अपनी हिरासत में लेगी। गोल्डी ढिल्लों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा वांटेड अपराधी है और उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा पंजाब पुलिस ने भी उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा था।
बीती 13 जून को सेक्टर-11 के श्री कुमार मेडिकल हाल के कैशियर जानकी दास की अंधाधुंध गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर इस कत्ल की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद उसने चंडीगढ़ और राजपुरा के कई बड़े व्यापारियों को विदेशी नंबरों से कॉल कर फिरौती (Extortion) मांगी थी। बात न मानने पर वह वॉयस मैसेज भेजकर जान से मारने की धमकियां देता था।
मूल रूप से पंजाब के राजपुरा का रहने वाला गोल्डी ढिल्लों शुरुआत में मारपीट, डराने-धमकाने और आर्म्स एक्ट जैसे स्थानीय मामलों में शामिल था। बाद में वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ सिंडिकेट से जुड़ गया। पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद वह साल 2022 में अवैध रास्तों से विदेश (जर्मनी और फिर स्पेन) भाग गया था। विदेश में बैठकर उसने बड़े गैंग्स के लिए शूटर, हथियार और पनाहगाहों का इंतजाम करना शुरू कर दिया और अपना एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया। हाल ही में उसने पंजाब के एक विधायक को भी जान से मारने की धमकी दी थी। सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसकी गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।