लाडवा, 24 जुलाई,2026 (जगदेव सिंह जग्गी): उष्णकटिबंधीय उप केंद्र लाडवा में आयोजित 8वें मैंगो मेले के दूसरे दिन किसानों, विद्यार्थियों और आम प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रगतिशील बागवानों ने आम की 100 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर की पहचान बनाता नजर आया।

कार्यक्रम में पहुंचे एसडीएम अनुभव मेहता ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम की अलग-अलग किस्मों, उत्पादन तकनीक तथा बागवानी से जुड़ी जानकारियां लीं। उन्होंने कहा कि यह मेला साबित करता है कि आम केवल स्वादिष्ट फल नहीं बल्कि कृषि, रोजगार, अर्थव्यवस्था और उद्यमिता से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
मेले में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, मल्लिका, रटौल, केसर सहित कई प्रसिद्ध किस्मों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। एसडीएम ने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई तकनीकों से रूबरू कराने, अनुभव साझा करने और बाजार की संभावनाओं को समझने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक बागवानी फसलों को अपनाने की अपील की।
तकनीकी सत्र के दौरान केंद्र की विशेषज्ञ डॉ. शिवानी ने किसानों को नर्सरी प्रबंधन और उपलब्ध पौध किस्मों की जानकारी दी। वहीं हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की वैज्ञानिक डॉ. पूनम सैनी ने बागवानी फसलों की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें कलाकार विकास सातरोड़ ने पंजाबी और हरियाणवी गीतों की प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया।
दूसरे दिन स्कूली बच्चों के लिए रंगोली, पेंटिंग, पतंग उड़ाने, आम खाने और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इन प्रतियोगिताओं में क्षेत्र के 10 सरकारी और निजी स्कूलों के करीब 400 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
किसानों के लिए भी आम खाने और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनके विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा कृषि उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनियों ने स्टॉल लगाकर किसानों को आधुनिक मशीनरी और नई कृषि तकनीकों की जानकारी दी।
आयोजकों के अनुसार, मैंगो मेले के दूसरे दिन करीब 1200 किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने भाग लिया और फल उत्सव को सफल बनाया।






