पटियाला, 24 जुलाई,2026 (छत्रपाल सिंह): NEET 2026 परीक्षा में पटियाला जिले के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पूरे पंजाब में अपनी अलग पहचान बनाई है। जिले के कुल 101 विद्यार्थियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) शालू मेहरा ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत, माता-पिता के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की तैयारी में साइंस पीडीएम, जिला नोडल लेक्चरर, स्कूल प्रिंसिपल, रिसोर्स पर्सन और साइंस लेक्चररों की अहम भूमिका रही।
उप जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) डॉ. रविंद्रपाल सिंह ने सफल छात्रों से मुलाकात कर उनके अंकों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर संस्थानों का चयन करने और आगे भी मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
जिला नोडल लेक्चरर दौलत राम ने बताया कि पिछले वर्ष पटियाला जिले के 71 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की थी, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 101 हो गई है। सफल विद्यार्थियों में 56 छात्र नॉन-स्कूल ऑफ एमिनेंस स्कूलों, 23 छात्र स्कूल ऑफ एमिनेंस और 22 छात्र मेरिटोरियस स्कूल पटियाला से संबंधित हैं।
इस अवसर पर जिले के टॉप प्रदर्शन करने वाले 9 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें स्कूल ऑफ एमिनेंस भुनरहेड़ी की निशा कौर ने 539 अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा राजवंश आहलूवालिया, अंशुल जिंदल, याशिका सिंगला, आदर्श गौतम, सहजप्रीत कौर और नवराज सिंह सहित अन्य विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे पंजाब में सरकारी स्कूलों के कुल 881 विद्यार्थियों ने NEET 2026 परीक्षा पास की है, जिनमें अकेले पटियाला जिले के 101 छात्र शामिल हैं। इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया।
पीडीएम संदीप कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को NEET की तैयारी ‘साथी’ कार्यक्रम के तहत करवाई जाती है। इसके लिए IIT कानपुर की टीम द्वारा तैयार साथी ऐप के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं, मॉक टेस्ट, डेली प्रैक्टिस और डाउट सेशन आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम में सफल विद्यार्थियों के अभिभावक और शिक्षक भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।






