अमरनाथ 25 जुलाई,2026 (मनोज वर्मा): लगातार खराब मौसम और भूस्खलन के चलते छह दिनों तक बाधित रहने के बाद शनिवार को अमरनाथ यात्रा दोबारा शुरू हो गई। मौसम साफ होने और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य होने के बाद भगवती नगर आधार शिविर से 6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच बालटाल मार्ग के लिए रवाना किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस जत्थे में 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु-संत शामिल हैं। श्रद्धालुओं को 223 वाहनों के काफिले में शनिवार सुबह करीब 2:40 बजे रवाना किया गया। फिलहाल पहलगाम मार्ग पर यात्रा बहाल नहीं की गई है, इसलिए वहां के लिए कोई जत्था नहीं भेजा गया।
19 जुलाई से लगातार बारिश, भूस्खलन और प्रतिकूल मौसम के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी थी। खराब मौसम का असर पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचने वाले दोनों प्रमुख मार्गों—अनंतनाग का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग और गांदरबल का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग—पर पड़ा था।
इसी दौरान उधमपुर-रामबन क्षेत्र में भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई दिनों तक बंद रहा। सड़क मार्ग बहाल होने और मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा फिर से शुरू करने का निर्णय लिया।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से हुआ था, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को रवाना किया था। रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा में अब तक लगभग चार लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। इनमें से करीब 1.20 लाख श्रद्धालुओं ने जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अपनी यात्रा शुरू की है।






