चंडीगढ़, 28 जुलाई, 2026 (संजीव शर्मा): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों की आय में वृद्धि करने, डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से डेयरी व्यवसाय के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारिता आंदोलन को भी मजबूती मिलेगी।हरियाणा के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि वीटा को दूध उपलब्ध कराने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सी.एम पैक्स से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
इसके अलावा, जिन गांवों में पंचायत भूमि उपलब्ध होगी, वहां ‘साझा डेयरी’ स्थापित की जाएगी। इन सामुदायिक डेयरियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य महिलाओं के पशुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पशुपालन की लागत कम होगी और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने ने यह भी कहा कि हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सी.एम पैक्स की सदस्य महिलाओं को दूध देने वाले पशु खरीदने के लिए रियायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इससे अधिक महिलाएं डेयरी व्यवसाय अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगी।
सरकार ने मुख्यमंत्री दूध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत एच.डी.डी.सी.एफ को दूध आपूर्ति करने वाले उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का भी फैसला किया है। नई व्यवस्था के अनुसार, गर्मी के मौसम में प्रोत्साहन राशि 5 रुपये से बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर और सर्दियों में 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाने, डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने तथा सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नई घोषणाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और हरियाणा डेयरी विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।






