कुरुक्षेत्र, 2 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): खेल प्राधिकरण कुरुक्षेत्र शाखा के सहायक निदेशक विजय मनचंदा ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए विस्तारित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए कुल 36,441 करोड़ रुपये का संयुक्त परिव्यय निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला युवा विकास और राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई योजना के तहत जमीनी स्तर की खेल प्रतियोगिताओं से लेकर खेलो इंडिया, और आगे टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम तक खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट प्रगति मार्ग तैयार किया जाएगा। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और पदक जीतने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध होगी। विजय मनचंदा ने कहा कि यह स्वतंत्रता के बाद देश का सबसे महत्वाकांक्षी खेल विकास कार्यक्रम है। इससे युवाओं की खेलों के प्रति बढ़ती आकांक्षाओं को नई दिशा मिलेगी और आने वाले वर्षों में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि योजना में महिला खिलाड़ियों, पैरा एथलीटों, स्वदेशी खेलों और खेलों के माध्यम से शांति, समावेशन एवं सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा भारत में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सहायक निदेशक ने कहा कि स्वीकृत बजट पिछली खेलो इंडिया योजना की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक है। यह सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें खेलों को युवा सशक्तिकरण, राष्ट्र निर्माण और भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने का आधार माना गया है।
उन्होंने बताया कि पुनर्गठित योजना का उद्देश्य स्कूलों और गांवों के खेल मैदानों से लेकर ओलंपिक पोडियम तक हर प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी को अवसर उपलब्ध कराना है। योजना में भूगोल, आर्थिक स्थिति या संसाधनों की कमी के कारण छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने पर जोर दिया गया है। नई योजना के तहत खेल को शिक्षा, फिटनेस, तकनीक और उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। यह भारत की दीर्घकालिक खेल योजनाओं, जिसमें 2030 राष्ट्रमंडल खेलों तथा ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की दावेदारी भी शामिल है, के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।
विजय मनचंदा ने बताया कि योजना के अंतर्गत एकीकृत राष्ट्रीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमियां, खेलो इंडिया केंद्र और सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियां शामिल होंगी। ये संस्थान देशभर में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और बेहतर कोचिंग उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि योजना में एक महत्वपूर्ण सुधार इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट श्रेणी का गठन है। इससे मौजूदा खेलो इंडिया एथलीट कार्यक्रम का विस्तार होगा और लगभग दस गुना अधिक युवा खिलाड़ियों को पेशेवर प्रशिक्षण, खेल विज्ञान सहायता और दीर्घकालिक मार्गदर्शन मिल सकेगा।






