6 अगस्त,2026 (अमनदीप सरां): हेपेटाइटिस लीवर में सूजन और संक्रमण की एक स्थिति है। यह मुख्य रूप से वायरस के कारण होता है, लेकिन शराब, गलत दवाइयों या ऑटोइम्यून समस्याओं से भी हो सकता है। इसके पाँच मुख्य प्रकार हैं: ए, बी, सी, डी और ई। इसके बारे मे विस्तार से जानते है।
हेपेटाइटिस ए लिवर से जुड़ा एक संक्रामक रोग है जो हेपेटाइटिस ए वायरस के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी या भोजन के सेवन से फैलता है। इसके लक्षणों में पीलिया, थकान, पेट दर्द और उल्टी शामिल हैं। अधिकांश लोग कुछ हफ्तों में ठीक हो जाते हैं।
हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण होने वाला एक गंभीर लिवर संक्रमण है। यह संक्रमित रक्त या शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। इसके बचाव के लिए टीका उपलब्ध है।
हेपेटाइटिस सी एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से लीवर पर हमला करता है और उसमें सूजन पैदा करता है। यह दूषित रक्त के संपर्क में आने से फैलता है और यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह लीवर को गंभीर नुकसान, सिरोसिस या कैंसर का कारण बन सकता है।
हेपेटाइटिस डी लिवर का एक गंभीर संक्रमण है जो हेपेटाइटिस डी वायरस के कारण होता है। यह वायरस केवल उन्हीं लोगों को होता है जो पहले से हेपेटाइटिस बी से पीड़ित होते हैं। यह लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ाता है।
हेपेटाइटिस ई एक लिवर का संक्रमण है जो हेपेटाइटिस ई वायरस के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के सेवन से फैलता है। यह बीमारी आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए यह बहुत खतरनाक हो सकती है।
हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई से बचाव इस प्रकार करें
हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई वायरस से बचने के लिए साफ-सुथरा पानी और भोजन लें, हेपेटाइटिस ए और बी का टीका लगवाएं, संक्रमित सुई या रेजर साझा न करें।






